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UP Board Exam Fee: यूपी बोर्ड ने 6 गुना बढ़ाई 10वीं और 12वीं की एग्‍जाम फीस, अब देना होगा इतना शुल्‍क

UP Board के अभ्यर्थियों को 15 अगस्त तक अपने विद्यालय के प्रिंसिपल के पास फीस जमा करानी होगी. अप्रैल में उत्तर प्रदेश बोर्ड ने परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी फीस में पांच गुना बढ़ोतरी की थी.

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UP Board Exam Fee: यूपी बोर्ड ने 6 गुना बढ़ाई 10वीं और 12वीं की एग्‍जाम फीस, अब देना होगा इतना शुल्‍क

यूपी बोर्ड ने परीक्षा फीस 6 गुना बढ़ा दी है

खास बातें

  1. यूपी बोर्ड ने एग्‍जाम फीस 6 गुना बढ़ा दी है
  2. 10वीं और 12वीं की बोर्ड फीस बढ़ाई गई है
  3. तर्क है कि बोर्ड को सीबीएसई के समकक्ष लाने के लिए फीस बढ़ाई गई
लखनऊ:

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (UP Board) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) बोर्ड परीक्षाओं की 2020 में परीक्षा शुल्क छह गुना बढ़ा दी है. जहां हाई स्कूल का परीक्षा शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये और इंटरमीडिएट का परीक्षा शुल्क 90 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है. उत्तर प्रदेश बोर्ड की हाई स्कूल की परीक्षाओं में उपस्थित होने वाले प्राइवेट छात्रों को अब 200 रुपये के बजाय 700 रुपये का भुगतान करना होगा. वहीं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में बैठने वाले प्राइवेट छात्रों को अब 220 रुपये के बजाय 800 रुपये देने होंगे.

यह भी पढ़ें:  यूपी बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का टाइम टेबल

अभ्यर्थियों को 15 अगस्त तक अपने विद्यालय के प्रिंसिपल के पास फीस जमा करानी होगी. अप्रैल में उत्तर प्रदेश बोर्ड ने परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए भी फीस में पांच गुना बढ़ोतरी की थी. बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह अत्यधिक बढ़ोतरी बोर्ड को सीबीएसई और आईसीएसई के समकक्ष लाने के लिए की गई है.


उत्तर प्रदेश बोर्ड की सचिव नीना श्रीवास्तव ने कहा, "चूंकि हमारे ज्‍यादातर छात्र ग्रामीण क्षेत्र के हैं, तो हम अभी भी सीबीएसई या आईसीएसई जितना शुल्क नहीं ले रहे हैं."

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सीबीएसई में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों को पांच विषयों के लिए 750 रुपये का भुगतान करना पड़ता है. अगर वे एक अतिरिक्त विषय लेते हैं, तो 100 रुपये का शुल्क लिया जाता . वहीं आईसीएसई और आईएससी छात्रों का परीक्षा शुल्क 1,500 रुपये है.

इस बीच, माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा (माध्यमिक स्व-वित्त शिक्षक संघ) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश द्विवेदी ने कहा, "जब सरकार सभी को मुफ्त भोजन और स्कूल ड्रेस देने की बात करती है, ऐसे समय में छात्रों के लिए यह शुल्क वृद्धि अनुचित है."



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