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बेंगलुरु को दुबई बनाने की कवायद : अवैध होर्डिंग और पोस्टर हटाने में खुद मेयर भी जुटे

बेंगलुरु शहर के लिए नई विज्ञापन नीति से बीबीएमपी को सालाना 300 से 400 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद

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बेंगलुरु को दुबई बनाने की कवायद : अवैध होर्डिंग और पोस्टर हटाने में खुद मेयर भी जुटे

बेंगलुरु के महापौर संपत राज अवैध पोस्टर हटाते हुए.

खास बातें

  1. शहर की सड़कों पर होर्डिंग के ढांचे रह गए, कंपनियों के विज्ञापन गायब
  2. रोज़ तीन-चार घंटे खुद इस काम करते हैं मेयर संपत राज
  3. विज्ञापनों के जरिए करोड़ों कमाने वाले माफिया को रास नहीं आ रही मुहिम
बेंगलुरु: कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के बाद बेंगलुरु शहर से फ्लेक्स और अवैध होर्डिंग हटाए जा रहे हैं. शहर के मेयर खुद आगे आकर फ्लेक्स और पोस्टर हटाते दिख रहे हैं. महानगर पालिका दुबई की तर्ज़ पर अपना आर्थिक ढांचा बनाने की कवायद में जुटी है और कोर्ट के हुक्म के तहत इस महीने के आखिर तक शहर के लिए विज्ञापन नीति तय करना है. बीबीएमपी को उम्मीद है कि इससे 300 से 400 करोड़ रुपये की सालाना आमदनी होगी.

बेंगलुरु शहर की सड़कों पर अब फ्लेक्स और होर्डिंग्स के ढांचे रह गए हैं. कंपनियों के विज्ञापन गायब हैं क्योंकि कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश के बाद अधिकारियों के साथ-साथ शहर के मेयर सम्पत राज खुद इन्हें हटाने निकल पड़े. फ्लेक्स हटाए जा रहे हैं और दीवारों पर लगे पोस्टर्स भी हटाए जा रहे हैं.

बेंगलुरु के मेयर संपत राज ने कहा कि "देखिए कोर्ट का आदेश है, उसका पालन हम कर रहे हैं. अवैध पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स सभो को हटा रहे हैं. मैं रोज़ तीन-चार घंटे खुद इस काम को करता हूं और अधिकारी भी करते हैं.

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हालांकि आम धारणा है कि फ्लेक्स, विज्ञापन निजी और सरकारी प्रॉपर्टी पर माफिया का कब्ज़ा है. यहां विज्ञापनों के ज़रिए वे करोड़ों रुपये कमाते हैं. ऐसे में बीबीएमपी की मुहिम उन्हें रास नहीं आ रही. वे लोग मेयर संपत राज से उलझ गए. पहले भी हाथापाई के कई आपराधिक मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं.

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फ्लेक्स को हटाने के साथ-साथ हाई कोर्ट ने बेंगलुरु शहर के लिए व्यापक विज्ञापन नीति बनाने का भी आदेश दिया है. इसी माह 30 अगस्त  तक यह नीति अदालत को सौंपनी है. बीबीएमपी को उम्मीद है कि अदालत की मंजूरी के बाद सिर्फ विज्ञापन के जरिए ही हर साल लगभग 300 से 400 करोड़ रुपये की आमदनी होगी.

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कहा जाता है कि दुबई की आमदनी का सबसे बड़ा ज़रिया विज्ञापन और पार्किंग है. बीबीएमपी इसी तर्ज़ पर बेंगलुरु के लिए आर्थिक ढांचा तैयार करना चाहती है.


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