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अच्छा ही हुआ हरमनप्रीत ने नहीं मानी पिता की वो बात, नहीं तो इंडिया का फाइनल खेलना होता मुश्किल

हरमनप्रीत ने बचपन में ही न सिर्फ हॉकी छोड़ बल्ला थामने का फैसला किया बल्कि आस-पड़ोस के लड़कों के साथ ही क्रिकेट खेलना शुरू किया.

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अच्छा ही हुआ हरमनप्रीत ने नहीं मानी पिता की वो बात, नहीं तो इंडिया का फाइनल खेलना होता मुश्किल

फाइल फोटो

खास बातें

  1. हरमन के पिता ने चाहते थे बेटी खेल हॉकी
  2. हरमन ने खेली थी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार पारी
  3. बेटी की शानदारी पारी से पिता हैं काफी खुश
नई दिल्ली:

इंग्लैंड में चल रहे आईसीसी महिला विश्व कप में भारतीय टीम को फाइनल में पहुंचाने वाली धुरंधर बल्लेबाज हरमनप्रीत कौरअगर अपने पिता की सुनतीं तो आज हम उन्हें क्रिकेट पिच नहीं बल्कि एस्ट्रोटर्फ पर हॉकी खेलते देख रहे होते. हरमनप्रीत ने बचपन में ही न सिर्फ हॉकी छोड़ बल्ला थामने का फैसला किया बल्कि आस-पड़ोस के लड़कों के साथ ही क्रिकेट खेलना शुरू किया, क्योंकि लड़कियां क्रिकेट खेलती ही नही थीं और आज मोगा जिले में उनके घर के फोन की घंटियां थमने का नाम ही नहीं ले रहीं, जिस पर हरमनप्रीत के चाहने वाले उनके माता-पिता को बधाइयां देने के लिए तांता लगाए हुए हैं.

सेमीफाइनल में अपनी धुंआधार पारी से भारतीय क्रिकेट टीम को फाइनल में पहुंचाने वाली हरफनमौला हरमनप्रीत कौर की सफलता पर उनके माता-पिता भी खुश हैं. हरमनप्रीत के पिता हरमंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि उन्होंने तो अपनी बेटी को हॉकी स्टिक पकड़ाई थी, लेकिन बेटी ने बल्ला थामने का फैसला किया.  उल्लेखनीय है कि विश्व कप के सेमीफाइनल में गुरुवार को हरमनप्रीत की ओर से 115 गेंदों पर खेली गई 171 रनों की शानदार पारी के दम पर भारतीय टीम ने गत चैम्पियन आस्ट्रेलिया को 36 रनों से हराया और फाइनल में जगह बनाई.


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भारतीय टीम का सामना अब रविवार को फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड से होगा. हरमनप्रीत की बचपन की स्मृतियों को ताजा करते हुए उनके पिता हरमंदर कहते हैं, 'मुझे अपनी बेटी पर गर्व है. उसने मोगा जिले को अंतर्राष्ट्रीय नक्शे पर ला खड़ा किया है. वह लड़कों से बेहतर है.' हरमनप्रीत के लिए हालांकि, इस उपलब्धि तक का सफर आसान नहीं रहा. आर्थिक तंगी और क्रिकेट में लड़कियों को पेश आने वाली चुनौतियों के बावजूद हरमनप्रीत के पिता अपनी बेटी के सपनों को पूरा करने से पीछे नहीं हटे.

महिला क्रिकेट की 'विराट कोहली' कही जाने वाली हरमनप्रीत मैदान पर भी कोहली की ही तरह आक्रामक होती हैं, जिसके गवाह उनके चाहने वाले गुरुवार को सेमीफाइनल मैच में भी बने. आस्ट्रेलिया के खिलाफ बल्लेबाजी के दौरान हरमनप्रीत को गलती करने के लिए अपनी जोड़ीदार खिलाड़ी पर गुस्सा करते देखा गया.

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लैंगिक विषमता के लिए कुख्यात पंजाब में जन्मी हरमनप्रीत की मां सतिंदर कौर कहती हैं, "हमारी बेटी ने देश को और हमें गौरवान्वित किया है. लोगों को अपनी बेटियों को भी आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए.' इस शानदार जीत के बाद अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान सहित कई बॉलीवुड सितारों और सचिन तेंदुलकर तथा विराट कोहली जैसे क्रिकेट सितारों ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सफलता को सराहा और साथ ही हरमनप्रीत के शानदार प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ की. हरमनप्रीत ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने वनडे करियर का तीसरा शतक लगाया. उन्होंने कुल 77 वनडे मैच खेले हैं.

( इनपुट आईएनएस से )

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