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जानिए सौरव गांगुली ने हंसते हुए क्यों कहा, 'हमारी समिति को प्रशासकों की समिति से मिलेगी चुनौती'!

वैसे तो सौरव गांगुली कैब के अध्यक्ष हैं, लेकिन इसके साथ ही वह बीसीसीआई की कुछ समितियों में भी भूमिका निभा रहे हैं. वह क्रिकेट सलाहकार समिति में तो पहले से ही थे, वहीं मंगलवार को उनको एक और समिति में शामिल किया गया है.

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जानिए सौरव गांगुली ने हंसते हुए क्यों कहा, 'हमारी समिति को प्रशासकों की समिति से मिलेगी चुनौती'!

सौरव गांगुली टीम इंडिया के लिए कोच चुनने वाली समिति में भी हैं... (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. बीसीसीआई लंबे समय से लोढा पैनल की सिफारिशों पर आनाकानी करता आ रहा है
  2. प्रशासकों की समिति की नियुक्ति के बाद भी स्थितियां नहीं बदली हैं
  3. बोर्ड किसी भी तरह से इस मुद्दे को लटकाकर रखना चाहता है
कोलकाता: वैसे तो सौरव गांगुली कैब के अध्यक्ष हैं, लेकिन इसके साथ ही वह बीसीसीआई की कुछ समितियों में भी भूमिका निभा रहे हैं. वह क्रिकेट सलाहकार समिति में तो पहले से ही थे, वहीं मंगलवार को उनको एक और समिति में शामिल किया गया है. यह समिति कोई मामूली समिति नहीं है, बल्कि इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप लोढा पैनल की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अपनी रिपोर्ट देनी है. इसके सात सदस्यों में से एक गांगुली भी हैं. जब उनसे अनिल कुंबले और विराट कोहली से जुड़े विवाद से जुड़े सवाल-जबाव के बीच इस समिति के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने अनूठा जवाब दिया...

सौरव गांगुली को बीसीसीआई ने उस सात सदस्यीय समिति में शामिल किया है जो लोढा पैनल कि सिफारिशों को लागू करने की देखरेख करेगी और अपनी रिपोर्ट बोर्ड को सौंपेगी. हालांकि अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति पर है. माना जा रहा है कि बीसीसीआई की ओर से लोढा पैनल की सिफारिशों को लागू करने में हो रही देरी को लेकर प्रशासकों की समिति सुप्रीम कोर्ट में कड़ी रिपोर्ट सौंप सकती है. तभी तो सौरव गांगुली ने इस पर चुटकी लेते हुए प्रतिक्रिया दी है.

सौरव गांगुली से जब इसके बारे में पूछा गया तो उन्होंने हंसते हुए कहा, 'यह समिति प्रशासकों की समिति की चुनौती का सामना करेगी.'

गांगुली के ऐसा कहने के पीछे यह कारण है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त विनोद राय की अध्यक्षता वाली प्रशासकों की समिति बोर्ड के इस निर्णय पर कड़ा रुख अपना सकती है. जब गांगुली से इस समिति में उनकी भूमिका को लेकर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनको इस बारे में खुद भी नहीं पता है. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं पता कि मेरी भूमिका क्या है. इसके बारे में पता करना होगा."

जब गांगुली से लोढा पैनल की सिफारिशों की वजह से सामने आ रहीं दिक्क्तों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, "ऐसी कई चीजें हैं. एक जुलाई को बैठक है. वहां हर चीज पर फैसला होगा."

गौरतलब है कि लोढा समिति की एक राज्य एक वोट, अधिकारियों की आयु सीमा 70 साल, चयन समिति को तीन सदस्यीय की जगह पांच सदस्यीय करने जैसी सिफारिशों पर बोर्ड को आपत्ति रही है.

सौरव गांगुली ने बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) में भी लोढा पैनल की सिफारिशों के अनुपालन के संदर्भ में प्रयास शुरू कर दिए हैं. उन्होंने एक जुलाई को लोढा समिति की सिफारिशों को लेकर एक त्वरित बैठक बुलाई है.

इस पर गांगुली ने कहा, "हमने पिछले साल एसजीएम का आयोजन नहीं किया था. हमने अपने सदस्यों को सूचित कर दिया है और इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे."

गौरतलब है कि इस समिति में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के वरिष्ठ पदाधिकारी राजीव शुक्ला भी हैं. पैनल के अन्य सदस्य टीसी मैथ्यू (केरल क्रिकेट), ए भट्टाचार्य (पूर्वोतर के प्रतिनिधि), जय शाह (गुजरात क्रिकेट संघ), बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी और बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी होंगे. समिति को अधिकार दिया गया है कि वह बीसीसीआई की आमसभा के विचार के लिए उपरोक्त आदेश के सदंर्भ में कुछ गंभीर मुद्दों की पहचान करे जिसे सुप्रीम कोर्ट को भी सौंपा जा सके.
(इनपुट एजेंसियों से भी)


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