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वनडे, टी-20 में भले मौका नहीं मिलता हो, लेकिन चकाचौंध से दूर टीम इंडिया की 'आधुनिक दीवार' मचा रही धमाल

एक समय था जब टीम इंडिया के लिए बल्लेबाज राहुल द्रविड़ अहम मौकों पर दीवार बनकर खड़े हो जाते थे और विरोधी गेंदबाज उनको आउट करने की कोशिश में पसीना-पसीना हो जाते थे.

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वनडे, टी-20 में भले मौका नहीं मिलता हो, लेकिन चकाचौंध से दूर टीम इंडिया की 'आधुनिक दीवार' मचा रही धमाल

चेतेश्वर पुजारा ने 2016-17 के सीजन में कई रिकॉर्ड अपने नाम किए (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. चेतेश्वर पुजारा फर्स्ट क्लास में 12 हजार रन से 150 रन दूर हैं
  2. पुजारा ने 2016-17 के सीजन में रनों का अंबार लगा दिया
  3. 2016-17 के सीज़न में उन्होंने सबसे ज़्यादा 1316 रन टोके
नई दिल्ली: एक समय था जब टीम इंडिया के लिए बल्लेबाज राहुल द्रविड़ अहम मौकों पर दीवार बनकर खड़े हो जाते थे और विरोधी गेंदबाज उनको आउट करने की कोशिश में पसीना-पसीना हो जाते थे. द्रविड़ के एक छोर संभाल लेने से टीम इंडिया की लड़खड़ाती पारी संभल जाती थी और उनकी इसी खासियत की वजह से एक्सपर्ट और फैन्स ने उनको 'द वॉल' नाम दिया था. जब द्रविड़ ने टेस्ट क्रिकेट छोड़ा था, तो लग रहा था कि उनकी भरपाई मुश्किल होगी, लेकिन एक बल्लेबाज ने उनकी कमी को काफी हद तक पूरा करते हुए, आधुनिक 'द वॉल' का तमगा हासिल कर लिया है. टीम इंडिया की यह 'दीवार' इस समय इंग्लैंड की एक टीम के लिए कुछ ऐसी ही भूमिका निभा रही है...  

हम जिस आधुनिक दीवार की बात कर रहे हैं वह हैं बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा. चूंकि टीम इंडिया इस समय सीमित ओवरों के क्रिकेट में व्यस्त है, इसलिए पुजारा भारतीय टीम के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से मुक्त हैं, लेकिन क्रिकेट तो उनकी रगों में समाया हुआ है और वह भला उससे कैसे दूर हो सकते हैं. ऐसे में पुजारा ने अपने फॉर्म को बनाए रखने और आगामी सीरीजों के लिए तैयारी के लिहाज से काउंटी क्रिकेट खेलने का फैसला किया था. जहां टीम इंडिया इंग्लैंड में चैंपियंस ट्रॉफी खेल रही है, पुजारा इंग्लिश काउंटी क्लब नॉटिंघमशायर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं और वहां उनका बल्ला गरज रहा है...

वास्तव में अपनी काउंटी टीम के लिए भी पुजारा को 'द वॉल' वाली भूमिका निभानी पड़ी. एक समय उसके 122 रन पर तीन विकेट गिर गए थे, लेकिन पुजारा ने पैर अड़ा दिए. उन्होंने माइकल लंब (117) के साथ चौथे विकेट के लिए 185 रनों की साझेदारी निभाई और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया. जब पुजारा आउट हुए उस समय नॉटिंघमशर का स्कोर चार विकेट पर 307 रन था. पुजारा ने 112 रन बनाए. उन्होंने 206 गेंदें खेलीं और 14 चौके जड़े. नॉटिंघमशायर ने ग्लोसेस्टरशायर के खिलाफ मैच के दूसरे दिन अपनी पहली पारी नौ विकेट पर 430 रनों पर घोषित की.

12000 रन के लिए करना होगा इंतजार
पुजारा के पास फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 12,000 रन पूरे करने का मौका है, लेकिन इसके लिए उनको लंबा इंतज़ार करना होगा. उन्होंने 146 फर्स्ट क्लास मैचों में 11850 रन बना लिए हैं. मतलब इसके लिए उनको 150 रन और चाहिए. काउंटी क्रिकेट में पुजारा पहले भी डर्बीशायर और यॉर्कशायर के लिए मैच खेल चुके हैं. पुजारा के करियर पर नजर डालें, तो उन्होंने 48 टेस्ट खेले हैं, उन्होंने 51.32 के औसत से 3798 रन बनाए हैं जिसमें 11 शतक और 15 अर्धशतक शामिल हैं.

2016-17 के सीजन में रही पुजारा की धूम
पिछले सीजन में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज़ में 400 से ज़्यादा और 2016-17 के सीज़न में सबसे ज़्यादा 1316 रन बनाने वाले पुजारा की छवि एक भरोसेमंद ठोस दीवार की है. पिछले सीजन में पुजारा ने जहां फर्स्ट क्लास क्रिकेट में दो हजार से अधिक रन बनाए, वहीं इंटरनेशनल लेवल पर गौतम गंभीर का एक रिकॉर्ड तोड़ दिया. चेतेश्वर पुजारा ने धर्मशाला टेस्ट में 57 रन बनाए. वह एक सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए. उन्होंने गौतम गंभीर को पीछे छोड़ा. गंभीर ने 2008-09 सीज़न में 1269 रन बनाए थे, जबकि पुजारा ने 2016-17 के सीजन में 65.8 के औसत से 1316 रन बना दिए. न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पुजारा ने 74 से ज्यादा के औसत से 373 रन बटोरे थे. इसमें 3 अर्द्धशतक और 1 शतक शामिल रहा, वहीं इंग्लैंड के खिलाफ भी पुजारा को खूब सफलता मिली. 50 से ज़्यादा के औसत से सौराष्ट के इस खिलाड़ी ने 401 रन बनाए. इंग्लिश टीम पर भारत की जीत में पुजारा की बल्लेबाज़ी का विशेष रोल रहा. बांग्लादेश के खिलाफ एकमात्र टेस्ट में वह शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने 83 रन की पारी खेली थी.


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