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अंडर-19 विश्व कप के हीरो शुबमन गिल ने अब विजय हजारे ट्रॉफी में जड़ा शतक, साबित कीं 'तीन अहम बातें'

उभरते बल्लेबाज शुबमन गिल साबित किया कि वह प्रथण श्रेणी क्रिकेट में भी रन बरसाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं

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अंडर-19 विश्व कप के हीरो शुबमन गिल ने अब विजय हजारे ट्रॉफी में जड़ा शतक, साबित कीं 'तीन अहम बातें'

शुबमन गिल अंडर-19 विश्व कप के दौरान

खास बातें

  1. विजय हजारे में भी गिल की विजय!
  2. कर्नाटक के खिलाफ जड़ा शतक
  3. शुबमन गिल 123 रन, 122 गेंद, 8 चौके, 6 छक्के
नई दिल्ली: अंडर-19 विश्व के मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे भारत के उभरते हुए बल्लेबाज शुबमन गिल ने रविवार को दिखाया कि सीनियर स्तर पर भी उनका बल्ला आग उगलने को तैयार है. शुबमन गिल ने चल रही विजय हजारे ट्रॉफी में कर्नाटक के खिलाफ बेहतरीन पारी खेलते हुए शानदार नाबाद शतक जड़ डाला. और टीम इंडिया के लिए खेल चुके गेंदबाज विनय कुमार सहित पूरी टीम को यह दिखाया कि वह इतने खास क्यों हैं. अपनी शतकीय पारी से शुबमन ने बहुत ही खास संदेश राष्ट्रीय सेलेक्टरों को भेज दिया. शुबमन ने इस पारी से कई बातें साबित कीं. 

बेंगलुरु में ग्रुप ए के इस मुकाबले में जहां टीम इंडिया में वापसी करने की कवायद में जुटे युवराज सिंह ने 28 गेंदों पर 36 रन की पारी खेली, तो वहीं पूरा मैच शुबमन गिल के नाम रहा. ध्यान दिला दें कि कुछ ही दिन पहले न्यूजीलैंड में खत्म हुए अंडर-19 विश्व कप में शुबमन गिल ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया था. वह टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे. शुबमन ने जूनियर विश्व कप के 6 मैचों में 124.00 के औसत से 372 रन बनाए थे. इसमें नाबाद शतक भी शामिल था. 
 
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बहरहाल पंजाब के टॉस जीतने के बाद मनन वोरा के साथ पारी शुरू करने उतरे शुबमन गिल ने मिश्रित खेल का परिचय दिया. पहले उन्होंने मनन वोरा का शून्य पर विकेट गिरने के बाद मनदीप सिंह के साथ दूसरे विकेट के लिए 125 रन जोड़े, तो आखिरी में उन्होंने जमकर धुनाई भी की. शुबमन गिल 122 गेंदों पर 123 रन बनाकर आखिर तक आउट नहीं हुए. 

VIDEO :  पिछले दिनों खत्म हुए अंडर-19 विश्व कप में भारत के सफरनामे पर नजर डालिए. 
शुबमन ने अपनी नाबाद पारी में छह छक्के जड़कर दिखाया कि उनका बल्ला आग भी उगलना जानता है, तो पारी को संवारना भी जानता है. साथ ही, उन्होंने आखिर तक नॉट आउट रहकर दिखाया कि शतक बनाने के बाद वह विकेट थ्रो नहीं करते, बल्कि 50वें ओवर तक टीम के लिए जिम्मेदारी निभाना भी उन्हें बखूबी आता है. 


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