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रात में अंतिम मेट्रो ट्रेन न चूकते तो अपहरण के शिकार न होते डॉ श्रीकांत गौड़

मेट्रो ट्रेन से न जा पाने के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ ने पहली बार ओला कंपनी की कैब बुक कराई थी

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रात में अंतिम मेट्रो ट्रेन न चूकते तो अपहरण के शिकार न होते डॉ श्रीकांत गौड़

डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को 14 दिन बाद अपहर्ताओं के चंगुल से मुक्त कराया गया.

खास बातें

  1. चौदह दिन तक अपहर्ताओं के चंगुल में रहने के कारण घबराए हुए हैं डॉ गौड़
  2. उस रात इन बदमाशों जो भी पुरुष मिलता, वे तो उसे किडनैप करते
  3. अब ड्राइवरों को रखने में और सतर्कता बरतेगी ओला कंपनी
नई दिल्ली: ओला कंपनी से पांच करोड़ रुपए फिरौती वसूलने के लिए बदमाशों ने एक डॉक्टर का अपहरण किया..लेकिन आखिरकार दिल्ली पुलिस ने चौदह दिन बाद डॉक्टर को सकुशल रिहा कर लिया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया.

इस वारदात के पीछे एक बड़ा अजीब इत्तेफाक भी जुड़ा है. रात 11.40 बजे की मेट्रो चली जाने के चलते डॉक्टर श्रीकांत गौड़ ने पहली बार ओला कैब बुक की. ओला कंपनी से फिरौती की ताक में बैठे बदमाश ने ड्राइवर बनकर पहली सवारी के रूप में डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को ही बिठाया. बदमाशों ने प्लानिंग बहुत सटीक की थी.  चौदह दिन तक अपहर्ताओं के चंगुल में रहने के कारण डॉक्टर गौड़ खासे घबराए हुए हैं. उन्होंने छह तारीख को रात में 11.40 की मेट्रो चली जाने के बाद ओला कैब बुक कराई. उन्हें नहीं पता था कि ओला कैब का ड्राइवर सुशील नाम का बदमाश है जो किसी सवारी को किडनैप करके पांच करोड़ रुपये की फिरौती वसूलना चाहता है.

वीडियो- दिल्ली से अगवा डॉक्टर मेरठ में मुक्त



उस रात इन बदमाशों को कोई भी पुरुष मिलता तो उसे वे किडनैप करते क्योंकि उन्हें लगता था कि वे इस तरीके से कंपनी से पांच करोड़ की फिरौती वसूल सकते हैं. अपहरण करने के बाद बदमाशों ने डॉक्टर श्रीकांत के मोबाइल से ओला कंपनी को फोन करके पांच करोड़ की फिरौती मांगी. लेकिन जब पुलिस ने उस गाड़ी के रिकॉर्ड की छानबीन की तो वे सारे फर्जी निकले. मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पुलिस ने मेरठ, हरिद्वार, गाजियाबाद में कई टीमें लगाईं.

इस मामले में चार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जबकि चार अन्य फरार हैं. उधर ओला कंपनी का कहना है कि वह अब ड्राइवर को रखने में और सतर्कता बरतेगी.

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गौरतलब है कि प्रीत विहार इलाके के मेट्रो अस्पताल के डॉक्टर श्रीकांत गौड़ का 6 जुलाई को दिल्ली में ओला कैब में अपहरण किया गया था. उसे दिल्ली पुलिस ने मेरठ में बदमाशों के चंगुल के आजाद करवा लिया गया. डॉक्टर श्रीकांत मेरठ के शताब्दी नगर के पास मिले. पुलिस ने चार किडनैपरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया. उनमें से एक बदमाश को गोली भी लगी. इस ऑपरेशन में दिल्ली पुलिस के दर्जनों अधिकारी शामिल हुए थे.

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अपहरण करने के बाद बदमाश हर रोज़ डॉक्टर के घरवालों को वीडियो भेजते और 5 करोड़ की फिरौती मांगते. पुलिस ने अपहरण के कुछ दिन बाद ही सर्विलांस के आधार पर बदमाशों की पहचान कर ली थी. सभी अपहर्ता मेरठ के पास दौराला के रहने वाले हैं. रविवार को दिल्ली पुलिस ने यूपी एसटीएफ के साथ अपहर्ताओं को मेरठ के पास सकौती इलाके में घेरा, लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर भाग गए. तब डॉक्टर को तो मुक्त नहीं कराया जा सका, लेकिन पुलिस ने उनकी वैगन-आर कार बरामद कर ली थी. इसके बाद पुलिस ने जंगलों में भी लगातार कॉम्बिंग की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिला सकी.

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बुधवार को दिल्ली पुलिस को फिर जानकारी मिली की अपहर्ता मेरठ के पास ही हैं. इस पर जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की कोशिश की गई तो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी को गोली लगी. मुठभेड़ के बाद डॉक्टर श्रीकांत गौड़ को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ा लिया गया और चार अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस कुछ और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कोशिश कर रही है. इसमें दो मुख्य आरोपी  दौराला के दो सगे भाई अनुज और सुशील हैं. डॉक्टर श्रीकांत गौड़ मूल रूप से तेलंगाना के रहने वाले हैं.


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