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बंदरों से परेशान लोकसभा सचिवालय ने निकाला सर्कुलर, बताया बचने का तरीका

संसद भवन परिसर में सभी सांसदों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाबलों और मीडिया कर्मियों को बंदरों से बचाने के लिए बाकायदा एक सर्कुलर निकालना पड़ गया.

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बंदरों से परेशान लोकसभा सचिवालय ने निकाला सर्कुलर, बताया बचने का तरीका

सर्कुलर में बंदरों से बचने के तरीके बताए गए हैं.

नई दिल्ली :

देश को चलाने वाली संसद में बंदरों ने ऐसा आतंक मचाया हुआ है कि संसद भवन परिसर में सभी सांसदों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सुरक्षाबलों और मीडिया कर्मियों को बंदरों से बचाने के लिए बाकायदा एक सर्कुलर निकालना पड़ गया. लोकसभा सचिवालय ने संसद भवन में बंदरों से बचने के उपाय बताते हुए सर्कुलर निकाल दिया है. 12 नवंबर को निकाले गए इस सर्कुलर में यह उपाय बताए गए हैं. आपको बता दें कि संसद का एक महीने लंबा शीतकालीन सत्र 11 दिसंबर से शुरू होगा. संसद भवन परिसर और इसके आसपास की इमारतों के अलावा, राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक पर बंदरों के हमले आम बात हो चुकी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सर्कुलर जारी किया गया है. 

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1. बंदरों की आंखों से आंखें ना मिलाएं
2. अगर बंदर मां और बच्चा चल रहे हो तो उनके बीच में से रास्ता क्रॉस ना करें
3. बंदरों को ना छेड़े या परेशान ना करें उनको अकेला छोड़ दें, वह आप को अकेला छोड़ देंगे
4. बंदरों का समूह अगर कहीं से निकल रहा हो तो आराम आराम से पैर रखकर चलें भागे नहीं
5. मरे हुए या घायल बंदर के पास ना जाएं
6. बंदरों को कुछ भी खाने को ना दें
7. अगर बंदर आपके वाहन से टकरा जाए तो वहां पर रुके नहीं
8. अगर बंदर खो खो की आवाज निकाले तो डरे नहीं आमतौर पर धोखा होता है, इसको नजरअंदाज करें और शांति से निकल जाएं
9. कभी बंदर को ना मारे हमेशा दंडी चक डे इंडिया लाठी जमीन पर मारे जिससे बंदर आपका घर या गार्डन छोड़कर निकल जाए
10. तेज आवाज बंदर को मजबूर करती है कि वह किसी भी इलाके को छोड़ कर चला जाए

संसद में उठ चुका है मुद्दा : 
इसी साल24 जुलाई को राज्यसभा में इंडियन नेशनल लोकदल के सांसद रामकुमार कश्यप ने बंदरों की समस्या का मुद्दा उठाया था और अपना दुखड़ा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू को सुनाया था. INLD सांसद ने कहा कि "दिल्ली में बंदरों की समस्या बढ़ गई है. गीले कपड़े बाहर सुखाना मुश्किल हो गया है. बंदर या तो कपड़े फाड़ देते हैं या लेकर भाग जाते हैं. पेड़-पौधे भी तोड़ देते हैं. एक बार तो एक सांसद बैठक के लिए लेट हो गए क्योंकि बंदरों ने उन पर अटैक कर दिया था. उनके बेटे पर भी हमला किया." राज्यसभा सांसद की बात से इत्तेफाक रखते हुए उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने कहा "उपराष्ट्रपति के घर भी यह समस्या है. मेनका गांधी जी यहां नहीं हैं. दिल्ली में बंदरों की समस्या का कुछ समाधान ढूंढने की जरूरत है".

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बंदरों से निजात का अजीब नुस्खा बता चुके हैं सीएम योगी :
अगस्त में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के वृंदावन में बंदरों से निजात पाने का अजीब नुस्खा बताया था. बंदरों के हमलों से बचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन वासियों को सुझाव दिया कि वे हनुमान जी की नियमित पूजा करें व हनुमान चालीसा का पाठ करें, जिससे बंदर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएंगे. आपको बता दें कि बीते साल भर में बंदर के काटने के करीब एक हज़ार मामले सामने आए हैं. जहां तक बात बंदर पकड़ने की है तो साल 2013-14 में तीनों दिल्ली नगर निगम में कुल 1071 बंदर पकड़े गए. वहीं 2014-15 में 1283 बंदर पकड़े गए लेकिन समय के साथ पकड़े गए बंदरों की संख्या घटती रही है. साल 2017-18 में कुल 189 बंदर पकड़े गए. दिल्ली में बंदरों को पकड़कर दक्षिणी दिल्ली के असोला वन्य जीव अभ्यारण्य में छोड़ा जाता है लेकिन वहां भी अब बंदरों की भीड़ है. साल 2007-2008 में वहां करीब 6 हज़ार बंदर थे जो 10 साल में तीन गुना से अधिक बढ़कर 20 हज़ार से ज़्यादा हो गए हैं. 

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