भगवान शिवजी के ये 3 मंदिर हैं विश्‍व प्रसिद्ध, जानें इनके बारे में

बात करें भगवान शिव की, तो इनकी महिमा अपरंपार है, शिवरात्रि हो या 16 सोमवार, भक्‍त इनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कसर नहीं छोड़ते.

भगवान शिवजी के ये 3 मंदिर हैं विश्‍व प्रसिद्ध, जानें इनके बारे में

भारत एक ऐसा देश है जहां पूजा-पाठ को बहुत मान्‍यता दी जाती है. हिंदू धर्म में वैसे तो हर देवी-देवता को पूजा जाता है लेकिन भगवान के तीन रूपों ब्रह्ममा, विष्‍णु और शिव की यहां सबसे अधिक महत्‍ता है. यही कारण है कि देशभर में जहां भी इन देवताओं के मंदिर स्थित हैं, वहां भक्‍तों की भारी भीड़ देखने को मिल जाती है. लोग इन मंदिरों में अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए दिल खोलकर चढ़ावा भी चढ़ाते हैं. अगर बात करें भगवान शिव की, तो इनकी महिमा अपरंपार है, शिवरात्रि हो या 16 सोमवार, भक्‍त इनकी श्रद्धा और भक्ति में कोई कसर नहीं छोड़ते.

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आइए आज बात करते हैं भगवान शिव के 3 ऐसे मंदिरों के बारे में, जो भारत में ही नहीं बल्कि विश्‍व में भी काफी प्रसिद्ध हैं-

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केदारनाथ मंदिर
मंदाकिनी नदी के निकट उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय पर्वत पर स्थित, केदारनाथ मंदिर दुनिया भर में हिंदुओं का प्रसिद्ध मंदिर है. उत्तराखण्ड में हिमालय पर्वत की गोद में केदारनाथ मन्दिर 12 ज्योतिर्लिंग में शामिल है. विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर 3562 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है. यह शिव मंदिर उत्तराखंड के चार धाम यात्रा के चार स्थानों में यमुनोत्री, गंगोत्री और बद्रीनाथ में गिना जाता है. इतना ही नहीं केदारनाथ, पंच केदार का निर्माण करने वाले पांच मंदिरों में से एक है. अधिक ऊंचाई होने के कारण सर्दियों में यह मंदिर बर्फ की चादर में लिपट जाता है.
 

kedarnath shrine

सोमनाथ मंदिर, गुजरात
सोमनाथ मंदिर सौराष्ट्र में वेरावल के पास प्रभास क्षेत्र में स्थित हैं. भगवान शिव को समर्पित यह 12 ज्योतिर्लिंग मंदिरों में से एक है. यह मंदिर गंभीर ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है‌. सोमनाथ के हाल के मंदिर का पुनर्गठन 1947 में किया गया था. यह मंदिर चालुक्य शैली की वास्तुकला में बनाया गया है और समुद्र तट के ठीक ऊपर स्थित है.
 
somnath temple 625

मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर
आंध्र प्रदेश का मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर कृष्णा नदी के तट पर स्थित 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है. यहां मल्लिकार्जुन के रूप में भगवान शिव की पूजा की जाती है और देवी पार्वती को यहां भद्रकाली के रूप में पूजा जाता है‌. मल्लिकार्जुन स्वामी का मंदिर, बीजानगर साम्राज्य के राजा हरिहर राय ने 6वीं शताब्‍दी से पहले बनवाया था.
 
mallikarjuna swamy temple