NDTV Khabar

GST पर राहुल गांधी का विचार 'मूर्खतापूर्ण', क्या चप्पल और BMW कार पर समान टैक्स लगाया जा सकता है : अरुण जेटली

जेटली ने ट्वीट किया, "राहुल गांधी ने 18 फीसदी की एक दर वाले जीएसटी का सुझाव दिया है. यह 18 फीसदी की सीमा के सुझाव से अलग है.

140 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
GST पर राहुल गांधी का विचार 'मूर्खतापूर्ण', क्या चप्पल और BMW कार पर समान टैक्स लगाया जा सकता है : अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर दिया राहुल गांधी को जवाब

खास बातें

  1. राहुल गांधी ने दिया था एक समान टैक्स लगाने का सुझाव
  2. जेटली ने राहुल की बात को किया खारिज
  3. जेटली ने कहा- राहुल का विचार मूर्खतापूर्ण
नई दिल्ली: जीएसटी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के बीच चल रही जुबानी जंग को है. वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि एक जीएसटी दर को लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का विचार 'बड़ा मूर्खतापूर्ण विचार' है. जेटली ने ट्वीट किया, "राहुल गांधी ने 18 फीसदी की एक दर वाले जीएसटी का सुझाव दिया है. यह 18 फीसदी की सीमा के सुझाव से अलग है. यह बड़ा मूर्खतापूर्ण विचार है. क्या एक हवाई चप्पल और एक बीएमडब्ल्यू कार पर एक कर की समान दर को लगाया जा सकता है?"

13 साल बाद मूडीज की रेटिंग में हुए सुधार पर बोले अरुण जेटली, आर्थिक सुधारों ने अर्थव्‍यवस्‍था को किया मजबूत

उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना पर प्रतिक्रिया दी.  कर दर की सीमा 18 फीसदी करने के लिए हो रही बहस को मोदी ने 'बड़ा मूर्खतापूर्ण विचार' कहा था, जिसपर चिदंबरम ने गुरुवार को कहा था कि अगर यह विचार मूर्खतापूर्ण है तो क्या मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) अरविंद सुब्रह्मण्यम और कई अन्य अर्थशास्त्री मूर्ख हैं? चिदंबरम ने ट्वीट किया था, "अगर कर की दर सीमा 18 फीसदी करने की बात करना मूर्खतापूर्ण विचार है तो सीईए अरविंद सुब्रह्मण्यम और कई अन्य अर्थशास्त्री भी मूर्ख हैं? क्या प्रधानमंत्री यही कहना चाह रहे हैं?"

वीडियो : जेटली ने दिया राहुल गांधी को जवाब


चिदंबरम ने प्रधानमंत्री की गुजरात के मोरबी रैली में दिए गए भाषण का हवाला दिया, जहां मोदी ने कहा था, "यह उन लोगों के लिए स्वाभाविक है, जिन्होंने डकैतों को याद रखने के लिए अपने सारे जीवन लूटपाट की है. वे 'बड़े मूर्खतापूर्ण विचार' के जरिए चाहते हैं कि गरीबों की बुनियादी जरूरतों की चीजें 18 फीसदी की दर सीमा में लाई जाएं. उसी समय, वे सिगरेट और शराब को सस्ता चाहते हैं. यह क्या तर्क है?"


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement