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बागी विधायकों के निष्कासन के बाद येदियुरप्पा के लिए आसान हो गया विश्वास मत हासिल करना, समझें पूरा गणित

कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस के 14 और बागी विधायकों को निष्कासित कर दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के लिए विश्वास मत हासिल करना आसान हो गया.

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बागी विधायकों के निष्कासन के बाद येदियुरप्पा के लिए आसान हो गया विश्वास मत हासिल करना, समझें पूरा गणित

बीएस येदियुरप्पा चौथी बार कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने हैं.

खास बातें

  1. स्पीकर ने कर्नाटक के 14 और विधायकों को किया निष्कासित
  2. 17 विधायकों के निष्कासन के बाद 208 हो गई सदस्यों की संख्या
  3. बीजेपी के पास 106 यानी बहुमत से एक ज़्यादा विधायक
बेंगलुरु:

कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर केआर रमेश कुमार ने कांग्रेस-जेडीएस के 14 और बागी विधायकों को निष्कासित कर दिया. इसके बाद मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के लिए विश्वास मत हासिल करना आसान हो गया. कर्नाटक  विधानसभा स्पीकर ने इससे पहले तीन विधायकों को दलबदल कानून के तहत अयोग्य ठहराया था. कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार द्वार निष्कासित किए जाने के बाद जेडीएस-कांग्रेस के 17 बागी विधायक अब कर्नाटक विधानसभा के सदस्य नहीं रहे. दरअसल 17 विधायकों के निष्कासन से बीजेपी ने राहत की सांस ली है, क्योंकि सभी 17 विधायकों को मंत्रीमंडल में शामिल करना आसान नहीं था. कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद कांग्रेस-जेडीएस के सभी बागी विधायक बीजेपी के लिए बोझ बन गए थे.

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17 विधायकों के निष्कासन के बाद अब कर्नाटक विधानसभा का सूरतेहाल कुछ इस तरह है. विधानसभा की कुल संख्या 225 है, जो 17 विधायकों के निष्कासन के बाद घटकर 208 हो गई है. ऐसे में बहुमत का आंकड़ा 105 का है. 
बीजेपी के पास एक निर्दलीय समेत 106 यानी बहुमत से एक ज़्यादा विधायक हैं, वहीं, कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पास स्पीकर समेत 100 विधायक हैं. इसके अलावा एक नॉमिनेटेड और दूसरा बीएसपी का बाग़ी जो कांग्रेस और बीजेपी दोनों के खिलाफ है.

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बता दें कि इससे पहले एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार द्वारा पेश विश्वासमत पर मतविभाजन के समय 20 विधायकों के अनुपस्थित रहने से कई सप्ताह के ड्रामे के बाद उनकी सरकार गिर गई थी. इन 20 विधायकों में 17 बागी विधायक तथा एक-एक कांग्रेस और बसपा का और एक निर्दलीय था.

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विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार से जब अयोग्य ठहराने के उनके विवादास्पद फैसले, जिस पर सवाल उठाए जा रहे हैं और पूरे मुद्दे पर उनके व्यवहार को लेकर आरोपों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैंने अपने न्यायिक विवेक का इस्तेमाल किया. मुझे 100 प्रतिशत आघात लगा है.' रमेश कुमार ने कहा कि उन्होंने बागी विधायकों के उस अनुरोध को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपने इस्तीफों और उनके खिलाफ अयोग्य ठहराने की अर्जियों को लेकर उनके समक्ष पेश होने के लिए और चार सप्ताह का समय मांगा था.

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VIDEO: कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष ने 14 विधायकों को अयोग्य घोषित किया​

(इनपुट: भाषा से)



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