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अमित शाह ने दी पदाधिकारियों को हिदायत, अपने को बदलो नहीं तो आपको बदल दिया जाएगा

अमित शाह ने सत्ता और संगठन से जुड़े लोगों को कार्यकर्ताओं से बढ़ती दूरी खत्म करने की सख्त हिदायत दी

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अमित शाह ने दी पदाधिकारियों को हिदायत, अपने को बदलो नहीं तो आपको बदल दिया जाएगा

शाह ने साफ कहा कि सभी को अपने काम करने का तरीका बदलना होगा...

खास बातें

  1. शाह कार्यकर्ताओं से बढ़ती दूरी खत्म करने की सख्त हिदायत दी
  2. देशव्यापी भ्रमण पर निकले शाह 18 से 20 अगस्त तक भोपाल में रहे
  3. कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों और पदाधिकारियों की खुलकर शिकायत की
भोपाल:

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान सत्ता और संगठन से जुड़े लोगों को कार्यकर्ताओं से बढ़ती दूरी खत्म करने की सख्त हिदायत दे गए. उन्होंने साफ संदेश दिया कि 'अपने को बदलो नहीं तो आपको बदल दिया जाएगा.' विधायक से सांसद बनने के बाद देशव्यापी भ्रमण पर निकले शाह 18 से 20 अगस्त तक मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहे. उन्होंने अंतिम दिन पं. दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी के कार्य विस्तार योजना को लेकर पूर्ण कालिक कार्यकर्ता, प्रदेश पदाधिकारी व कोर ग्रुप की बैठक ली. इस दौरान उनके सामने पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं ने मंत्रियों और पदाधिकारियों की खुलकर शिकायत की. साथ ही कहा कि संगठन और मंत्री कार्यकर्ता की बात सुनते ही नहीं हैं.

शाह ने इस दौरान साफ कहा कि सभी को अपने काम करने का तरीका बदलना होगा. सभी को निचली स्तर तक जाकर पार्टी को मजबूत बनाने के प्रयास जारी रखने होंगे और जो ऐसा नहीं कर सकते, उनके बारे में पार्टी निर्णय लेगी. उन्होंने सभी को लगातार दौरे करने की हिदायत दी.


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सूत्रों का कहना है कि शाह ने कई बार तमाम बड़े नेताओं से लेकर मंत्रियों तक को फटकार लगाने में हिचक नहीं दिखाई. शाह ने सभी को हिदायत दी कि वे अपने कामकाज के तरीके बदल दें, क्योंकि पार्टी और सरकार है तो वे (नेता) हैं, नहीं तो वे खुद क्या हैं?  शाह ने तो संगठन और मोर्चो की स्थिति का जिक्र करते हुए यहां तक कह गए, "आप लोग अगले विधानसभा चुनाव में दो सौ के पार का नारा दे रहे हैं, मगर संगठन व मोर्चो का काम देखकर ऐसा नहीं लगता कि मिशन सफल हो पाएगा. मोर्चे कैसे चल रहे हैं, यह अपने आप में सवाल है."

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शाह ने अपने दौरे के अंतिम दिन भापाल के निकटवर्ती गांव सेवनियां गौड़ में आदिवासी कमल सिंह के घर में भोजन किया. उनके साथ मुख्यमंत्री सहित कई अन्य नेता भी थे. बाद में पता चला कि कमल के घर में शौचालय नहीं है. यह खुलासा होने पर विपक्षी कांग्रेस को सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया, क्योंकि खुद शाह ने भोपाल जिले को खुले में शौच मुक्त होने का दावा किया है.

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दौरे के पहले दिन शाह ने मंत्री नरोत्तम मिश्र के घर भोजन किया था. नरोत्तम ऐसे मंत्री हैं, जो विधानसभा नहीं जा सकते, क्योंकि चुनाव जीतने में भ्रष्ट तरीके अपनाने का दोषी पाते हुए निर्वाचन आयोग उन्हें अयोग्य ठहरा चुका है. भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने की मुहिम में लगी पार्टी के अध्यक्ष ने एक 'भ्रष्ट' के घर मेहमान बनकर विपक्ष को सवाल उठाने का मौका दे दिया.



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