'चीन वापस जाओ'- अरुणाचल में चीनी गांव बसाने वाली खबरों पर प्रदर्शन शुरू, फूंका गया शी जिनपिंग का पुतला

अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से गांव बसाए जाने की खबरों के बाद यहां पर स्थानीय लोगों ने गुरुवार को चीन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया, जहां 'चीन वापस जाओ' के नारे लगे और शी जिनपिंग का पुतला जलाया गया.

'चीन वापस जाओ'- अरुणाचल में चीनी गांव बसाने वाली खबरों पर प्रदर्शन शुरू, फूंका गया शी जिनपिंग का पुतला

अरुणाचल प्रदेश में चीन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू हुए.

खास बातें

  • अरुणाचल प्रदेश में चीन के खिलाफ प्रदर्शन
  • स्थानीय लोगों ने फूंका शी जिनपिंग का पुतला
  • चीनी गांव बसाने वाली खबरों पर रोष
गुवाहाटी:

अरुणाचल प्रदेश में चीन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. कुछ दिनों पहले ही NDTV ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से एक गांव बनाए जाने की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट दी थी. सैटेलाइट तस्वीरों से यह सामने आया है कि चीन ने भारत की सीमा के भीतर अरुणाचल प्रदेश में एक गांव बसा लिया है, जिसमें लगभग 101 घर हैं. यह इलाका ऊपरी सुबनशिरी में त्सारी चू नदी के किनारे पर है. भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से इस जगह को लेकर विवाद चल रहा है और इस जगह को आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट यानी सशस्त्र संघर्ष वाले जगह के तौर पर चिन्हित किया गया है.

गुरुवार को ऊपरी सुबनशिरी को स्थानीय लोगों ने भारत की सीमा में घुसकर चीन की ओर से गांव बनाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन किया. उन्होंने सार्वजनिक तौर पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग का पुतला भी फूंका और चीन के खिलाफ नारे लगाते हुए प्लेकार्ड्स भी दिखाए. प्रदर्शन में शामिल लोगों ने 'चीन वापस जाओ', 'हम भारतीय हैं', 'भारत माता की जय' के नारे लगाए.

यह विरोध प्रदर्शन ऊपरी सुबनिशिरी के दपोरिजो टाउन में ऑल तेगिन यूथ ऑर्गनाइज़ेशन (ATYO), ऑल गीबा सर्कल विजिलेंस फोरम (AGCVF) और न्यू मार्केट वेलफेयर असोसिएशन सहित कई युवा संगठनों की ओर से आयोजित किए गए थे.

यह भी पढ़ें : अरुणाचल प्रदेश में चीनी गांव के निर्माण पर बोले BJP MP - 'कांग्रेस और राजीव गांधी के फैसलों के चलते...'

बता दें कि NDTV ने कुछ दिन पहले अपनी एक एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में सैटेलाइट तस्वीरों, जिन्हें विदेश मंत्रालय के पास भी भेजा गया था, के सहारे बताया था कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश में एक नया गांव बसाया है. 1 नवंबर, 2020 को ली गई इन तस्वीरों की कई विशेषज्ञों ने पुष्टि की है और बताया है कि यह गांव भारत के वास्तविक सीमा के 4.5 किलोमीटर अंदर बना हुआ है. दिलचस्प है कि जो नई तस्वीर है वो 1 नवंबर, 2020 की है, वहीं अगर 26 अगस्त, 2019 की तस्वीर को देखें तो यहां पर कोई निर्माण कार्य नहीं दिखता है.

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इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय ने इन्हें सीधे तौर पर खारिज नहीं किया था और कहा था कि 'हमें चीन की ओर से भारत के सीमाई इलाकों में निर्माण गतिविधियां तेज करने की खबरें मिली हैं. चीन ने पिछले कुछ सालों में निर्माण गतिविधियां शुरू की हैं.' 

चीन ने अरुणाचल प्रदेश में बसाया गांव, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा

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