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नोटबंदी से 5400 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला, 400 मामलों की जांच ईडी और CBI को सौंपी गई

उन्होंने नोटबंदी के फायदे और इसके बाद आयकर विभाग की मुस्तैदी पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'मौजूदा वित्त वर्ष में 18 सितंबर तक कुल संग्रहित राशि में 3.7 लाख करोड़ रुपये यानी 15.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

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नोटबंदी से  5400 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला, 400 मामलों की जांच ईडी और CBI को सौंपी गई

फाइल फोटो

नई दिल्ली: नोटबंदीके फायदे गिनाते हुए केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने शुक्रवार को कहा कि प्रत्यक्ष कर संग्रह में 18 सितंबर तक 15.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इस दौरान 5400 करोड़ रुपये की अघोषित आय की भी पहचान हुई है. उन्होंने नोटबंदी के फायदे और इसके बाद आयकर विभाग की मुस्तैदी पर प्रकाश डालते हुए कहा, 'मौजूदा वित्त वर्ष में 18 सितंबर तक कुल संग्रहित राशि में 3.7 लाख करोड़ रुपये यानी 15.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है. साल 2016-17 के दौरान प्रत्यक्ष कर में 8,49,818 करोड़ रुपये यानी 14.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.' जेटली ने आयकर विभाग की पहल पर वित्त मंत्रालय की सलाहकार समिति को संबोधित कर रहे थे. मंत्री ने कहा कि करदाताओं की संख्या में 2012-13 के 4.72 करोड़ रुपये के मुकाबले 2016-17 में 6.26 करोड़ रुपये वृद्धि हुई है. उन्होंने कहा, 'जहां तक काले धन के खिलाफ कदम उठाने का सवाल है विभाग ने सरकार के सत्ता में आने के बाद कई पहल किए हैं. नौ नवंबर को नोटबंदी लागू किए जाने के बाद 10 जनवरी, 2017 तक लगभग 1100 ठिकानों पर छापे मारे गए, जिससे 610 करोड़ रुपये प्राप्त हुए, जिनमें से 513 करोड़ रुपये नकद में प्राप्त हुए हैं.'

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उन्होंने कहा कि इस दौरान 5400 करोड़ रुपये की अघोषित आय बरामद की गई और उचित कदम उठाने के लिए लगभग 400 मामलों को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) को सौंपा गया. जेटली ने कहा कि मंत्रालय ने पिछले 2-3 वर्षो के दौरान कर प्रशासन में पारदर्शिता, निष्पक्षता और दक्षता लाने के लिए कई कदम उठाए हैं. जेटली ने कहा कि एक पन्ने का आईटीआर-1 (सहज) फार्म उन करदाताओं के लिए लांच किया गया, जिनकी आय 50 लाख रुपये तक है. उन्होंने कहा कि 50 करोड़ के कारोबार तक की कंपनियों के लिए कॉरपोरेट कर में 25 प्रतिशत तक की कमी की गई, जिसके अंतर्गत लगभग 96 प्रतिशत कंपनी आ गए. वित्तमंत्री ने कहा कि ई-कामर्स के क्षेत्र में इस वर्ष 97 प्रतिशत आयकर रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भरे गए, जिसमें से 90 प्रतिशत रिफंड 60 दिनों के अंदर कर दिया गया.  उन्होंने कहा कि शिकायत निवारण प्रणाली- 'ई-निवारण' का लांच किया गया और सभी शिकायतों की पहचान कर उसे निपटाया गया. 4.65 लाख ई-निवारण में 84 प्रतिशत का तत्काल सुलझाया गया.

वीडियो : य़शवंत सिन्हा ने भी दिया जवाब
जेटली ने कहा कि आयकर विभाग में ई-गवर्नेस पहल से करदाताओं और अधिकारियों के बीच बिना किसी रूकावट के पहुंच बनाने में आसानी हुई, जिससे लोगों को कम से कम परेशानी, समय बचाने और भ्रष्टाचार को निरंकुश करने में मदद मिली.  मंत्री ने कहा कि भारत ने आयकर मुद्दों पर सूचनाओं के लिए 148 देशों के साथ और अपराध से जुड़े मुद्दों के लिए 39 देशों के साथ सहयोग किया है. इससे पहले बुधवार को पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ने भारतीय अर्थव्यवस्था की आलोचना करते हुए एक अंग्रेजी अखबार में लेख लिखा था, जिसके बाद भाजपा में भूचाल आ गया था। यशवंत सिन्हा के बेटे और नागरिक उड्डयन मंत्री जयंत सिन्हा ने भी एक अन्य अंग्रेजी अखबार में अपने पिता का नाम लिए बगैर उनकी हर आलोचनाओं का जवाब दिया था.  वहीं अरुण जेटली ने गुरुवार को यशवंत सिन्हा पर तीखा हमला किया था.
 


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