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जम्मू कश्मीर पर जारी कयासों के बीच महबूबा मुफ्ती ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, पूछा- कहां गई 'कश्मीरियत और जम्हूरियत?'

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) को लेकर चल रहे कई कयासों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने सर्वदलीय बैटक बुलाई है.

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जम्मू कश्मीर पर जारी कयासों के बीच महबूबा मुफ्ती ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, पूछा- कहां गई 'कश्मीरियत और जम्हूरियत?'

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. J&K की पार्टियां साथ आएं: महबूबा मुफ़्ती
  2. साथ मिलकर आफ़त का मुक़ाबला करें: मुफ़्ती
  3. कश्मीर में घबराहट का माहौल है: महबूबा मुफ़्ती
नई दिल्ली:

जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) को लेकर चल रहे कई कयासों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने सर्वदलीय बैटक बुलाई है. पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ़्ती (Mehbooba Mufti) ने कहा कि हमें कोई नहीं बता रहा है कि क्या होने वाला है? ऐसे में जम्मू-कश्मीर की सियासी पार्टियों और आवाम को साथ मिलकर हालात का मुक़ाबला करना है. साथ ही उन्होंने बताया कि चूंकि किसी होटल में हमें बैठक की इजाज़त नहीं मिल रही है, इसलिए आज शाम हम घर पर ही सर्वदलीय बैठक करेंगे. महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने कहा कि साथ मिलकर आफत का मुकाबला करें. 


महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यात्रियों, पर्यटकों, कामगारों, छात्रों और क्रिकेटरों को कश्मीर से जाने को कहा गया है. कश्मीरियों को राहत देने की कोशिश नहीं की जा रही है. कहां गई इंसानियत, कश्मीरियत और जम्हूरियत?

महबूबा मुफ्ती ने पीएम मोदी से की अपील, कहा- राज्य के विशेष दर्जे के साथ छेड़छा़ड न करें

बता दें कि इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वह राज्य के विशेष दर्जें के साथ छेड़छाड़ ना करें. उन्होंने कहा कि ऐसे कदम के नतीजे अच्छे नहीं होंगे. महबूबा ने अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ शुक्रवार रात को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मुलाकात की थी और उनसे उन 'अफवाहों को खारिज करने का अनुरोध किया था, जिससे घाटी में भय का माहौल पैदा हो गया है.' उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिए जो कुछ भी बाकी बचा है, उसे भारत, जम्मू कश्मीर की जनता से 'बलपूर्वक छीनने' की तैयारी में है. 

जम्मू-कश्मीर सरकार की एडवाइजरी पर महबूबा मुफ्ती बोलीं, अब मामला आर पार का हो चुका है

उधर, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार णफिर राज्य के हालात को सामान्य बताया है. उन्होंने कहा है कि अफ़वाहें फैलाई जा रही हैं, जिसपर ध्यान देने की ज़रूरत नहीं है. जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने शनिवार को राज्य के विशेष दर्जे के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है. उनकी यह टिप्पणी उमर अब्दुल्ला के साथ हुई मुलाकात के कुछ घंटों के बाद आई थी.

'कल के बारे में नहीं जानता लेकिन आज चिंतित होने की जरूरत नहीं'- जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक

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नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने अंदेशा जताया था कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर राज्य के विशेष दर्जे को लेकर बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है. बता दें कि उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उनकी पार्टी को भरोसा दिलाया दिया है कि संविधान के 'अनुच्छेद 370 और 35 ए' को रद्द किए जाने या राज्य को तीन हिस्सों में बांटने जैसा कदम उठाने की कोई योजना नहीं है. हालांकि, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर सोमवार को संसद में केंद्र का आश्वासन चाहते हैं क्योंकि जम्मू कश्मीर पर राज्यपाल अंतिम प्राधिकार नहीं हैं.

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