तीन तलाक बिल पर बोले ओवैसी, पति जब जेल से लौटेगा तो पत्नी क्या कहेगी, बहारों फूल बरसाओ...

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बिल में आप कह रहे हैं कि अगर किसी पति ने पत्नी को तीन बार तलाक कह दिया तो शादी नहीं टूटती, सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी यही कहता है फिर आप ये क्यों कर रहे हैं.

खास बातें

  • तीन तलाक बिल पर लोकसभा में हंगामा
  • असदुद्दीन ओवैसी ने बिल पर सरकार को घेरा
  • वहीं, गौरव गोगोई ने भी सरकार पर हमला बोला
नई दिल्ली :

तीन तलाक बिल पर बृहस्पतिवार को लोकसभा में हंगामा देखने को मिला. AIMIM नेता और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि बिल में आप कह रहे हैं कि अगर किसी पति ने पत्नी को तीन बार तलाक कह दिया तो शादी नहीं टूटती, सुप्रीम कोर्ट का फैसला भी यही कहता है फिर आप ये क्यों कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये महिलाओं के खिलाफ है. जब 3 साल की सजा हो जाए, पति जेल में रहे तो औरत 3 साल तक इंतजार करें. और जब 3 साल के बाद वो वापस आए तो क्या कहे कि बहारों फूल बरसाओ मेरा महबूब आया है. ओवैसी ने कहा कि आप एक प्रावधान लाइये कि अगर कोई ट्रिपल तलाक देता है तो मेहर की रकम का 5 गुना उसे भरना पड़े. 

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वहीं, कांग्रेस सासंद गौरव गोगोई ने तीन तलाक बिल कहा कि क्या स्टैंडिंग कमिटी में बिल भेजने की मांग करना भी मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ हो गया. आप मुस्लिम संगठनों से सलाह मशवरा कीजिए. उनके साथ बैठिए. अगर आपको सबका साथ सबका विश्वास चाहिए तो आप सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार मॉब लिंचिंग पर लॉ लाइए. आपको बता दें कि इससे पहले लैंगिक न्याय को नरेंद्र मोदी सरकार का मूल तत्व बताते हुए विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि तीन तलाक पर रोक लगाने संबंधी विधेयक सियासत, धर्म, सम्प्रदाय का प्रश्न नहीं है बल्कि यह ''नारी के सम्मान और नारी-न्याय' का सवाल है और हिन्दुस्तान की बेटियों के अधिकारों की सुरक्षा संबंधी इस पहल का सभी को समर्थन करना चाहिए.  

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रविशंकर प्रसाद ने लोकसभा में ‘मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2019' को चर्चा एवं पारित करने के लिये पेश किया जिसमें विवाहित मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की संरक्षा करने और उनके पतियों द्वारा तीन बार तलाक बोलकर विवाह तोड़ने को निषेध करने का प्रावधान किया गया है. आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन ने विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिये पेश किये जाने का विरोध करते हुए इस संबंध में सरकार द्वारा फरवरी में लाये गये अध्यादेश के खिलाफ सांविधिक संकल्प पेश किया. प्रेमचंद्रन ने कहा कि इस विधेयक को भाजपा सरकार लक्षित एजेंडे के रूप में लाई है. यह राजनीतिक है. इस बारे में अध्यादेश लाने की इतनी जरूरत क्यों पड़ी. 

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VIDEO: लोकसभा में पेश हुआ तीन तलाक बिल, रविशंकर प्रसाद बोले- हमें मुस्लिम बहनों की चिंता