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दिल्ली में वीएचएपी की बैठक : अयोध्या में राम मंदिर के लिए फिर शुरू हो सकती है कारसेवा? 2019 से पहले मामला गरमाने की तैयारी

इस बैठक में राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष संत नृत्यगोपाल दास भी मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि बैठक में जो भी फैसला लिया जाएगा उसकी जानकारी शाम 6.30 बजे मीडिया के जरिए दी जाएगी.

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दिल्ली में वीएचएपी की बैठक : अयोध्या में राम मंदिर के लिए फिर शुरू हो सकती है कारसेवा?  2019 से पहले मामला गरमाने की तैयारी

वीएचपी की इस बैठक में सभी अखाड़ों के संत हिस्सा ले रहे हैं

खास बातें

  1. लोकसभा चुनाव से पहले फिर गरमाएगा मुद्दा
  2. वीएचपी की आज है बड़ी बैठक
  3. सभी अखाड़ों के संत ले रहे हैं हिस्सा
नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर अयोध्या विवाद का मामला फिर से गरमाने की कोशिश हो रही है. इसी कड़ी में दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की बैठक शुक्रवार को शुरू हो गई है. 7  घंटे तक चलने वाली इस बैठक में वीएचपी के देश भर के नेता और सभी अखाड़ों के संत हिस्सा ले रहे हैं. इस बैठक में राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष संत नृत्यगोपाल दास भी मौजूद हैं. बताया जा रहा है कि बैठक में जो भी फैसला लिया जाएगा उसकी जानकारी शाम 6.30 बजे मीडिया के जरिए दी जाएगी. खबर है कि इस बैठक में कारसेवा शुरू करने का भी फैसला लिया जा सकता है. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या भूमि मालिकाना हक से संबंधित मुख्य विवाद पर 29 अक्तूबर से सुनवाई शुरू होने जा रही है.  वहीं राम मंदिर को लेकर मची राजनैतिक होड़ के बीच, शिवसेना ने कहा  कि इस मुद्दे पर अपनी पार्टी की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे दशहरे के बाद अयोध्या जाएंगे. 

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यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एक दिन ही पहले बुधवार शाम को राम जन्मभूमि न्यास के प्रमुख जनमेजय शरणजी महाराज ने ठाकरे से यहां पार्टी के मुख्यालय सेना भवन में मुलाकात की थी.शिवसेना के सूत्रों ने बताया कि शरणजी महाराज ने ठाकरे को अयोध्या आने का न्योता दिया और उन्हें बताया कि न्यास को राम मंदिर के निर्माण में शिवसेना की मदद की जरूरत है. पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने पीटीआई-भाषा को बताया कि ठाकरे 19 अक्टूबर को मुंबई में होने वाली पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली में अपनी यात्रा की तारीख की घोषणा करेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘ शिवसेना ने अयोध्या में राम मंदिर के मुद्दे का हमेशा से समर्थन किया है. चार साल से सत्ता में रहने के बावजूद भाजपा ने वहां भव्य राम मंदिर बनाने के अपने वादे को अभी तक पूरा नहीं किया.’’ उन्होंने राम मंदिर मुद्दे को लेकर सहयोगी दल भाजपा की आलोचना की.  

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शिवसेना के वरिष्ठ नेता अरविंद सावंत ने कहा कि सत्तारूढ़ राजग ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले लोगों से तीन वादे किए थे : संविधान का अनुच्छेद 370 निरस्त करना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और कश्मीर मुद्दा हल करना. सावंत ने कहा, ‘‘हम ऐसा कुछ नहीं कर रहे जो हमने पहले नहीं कहा था. जब किसी ने भी बाबरी मस्जिद विध्वंस की जिम्मेदारी नहीं ली तो शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ने ली. अब राजग को सत्ता में आए साढ़े चार साल हो गए हैं लेकिन अब भी राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं हुआ और यह मामला अदालत में लंबित है.’’ मुंबई दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘‘शिवसेना इस मुद्दे के साथ खड़ी रहेगी. 

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