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आयुर्वेदिक मुर्गी और अंडा! शिवसेना के नेता का चौंकाने वाला तर्क, शाकाहारी है यह भोजन

शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत की मांग- आयुष मंत्रालय तय करे कि मुर्गा शाकाहारी है या मांसाहारी

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आयुर्वेदिक मुर्गी और अंडा! शिवसेना के नेता का चौंकाने वाला तर्क, शाकाहारी है यह भोजन

शिवसेना के सांसद संजय राउत ने राज्यसभा में कहा कि मुर्गी और अंडा शाकाहारी होते हैं, आयुष मंत्रालय यह प्रमाणित करे.

खास बातें

  1. राज्यसभा में आयुर्वेद पर चर्चा के दौरान राउत ने चौंकाया
  2. आयुर्वेदिक चीजें खाने वाली मुर्गी का अंडा आयुर्वेदिक
  3. कहा- आयुष मंत्रालय का बजट बढ़ाया जाना चाहिए
नई दिल्ली:

मुर्गी और अंडा शाकाहारी भोजन हैं! आयुष मंत्रालय का जिम्मा है कि वह यह प्रमाणित करे, ताकि शाकाहारी लोगों को प्रोटीन युक्त भोजन मिल सके. यह कहना है शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत का. उन्होंने राज्यसभा में आयुर्वेद पर चर्चा के दौरान यह कहते हुए सभी सदस्यों को चौंका दिया कि आयुर्वेदिक मुर्गी और आयुर्वेदिक अंडा होता है, आपको पता है? उन्होंने इसके बारे में विस्तार से अपनी बात कही और आयुष मंत्रालय का बजट बढ़ाने की जरूरत जताई.     

शिवसेना के नेता संजय राउत ने सोमवार को सदन में मांग की कि मुर्गे और अंडे को वेजिटेरियन की श्रेणी में रखा जाए. सदन में आयुर्वेद पर हुई चर्चा के दौरान उन्होंने यह मांग की. उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय यह तय करे कि मुर्गा शाकाहारी है या मांसाहारी.       

संजय राउत ने प्रोफेसर राम गोपाल यादव के कथन का हवाला देते हुए कहा कि हनुमान जी पर्वत लेकर आए और लक्ष्मण जी को संजीवनी मिली. उन्होंने कहा कि 'आयुर्वेद वहां से शुरू हुआ और कहां पहुंच गया है, यह मैं आपको बताता हूं. हमारे महाराष्ट्र में नन्दूरबार एक आदिवासी जिला है. मैं वहां गया था. जब काम खत्म हो गया, तो आदिवासी लोग हमारे पास खाना लेकर आए. मैंने उनसे पूछा कि यह क्या है? वे बोले यह मुर्गी है. मैंने उनसे कहा मैं मुर्गी नहीं खाऊंगा. उन्होंने कहा कि साहब यह आयुर्वेदिक मुर्गी है. आदिवासी ने कहा कि यह एक ऐसी मुर्गी है, जिसका हम इस तरह से पालन-पोषण करते हैं, कि आपके शरीर के सब रोग बाहर निकल जाएंगे. यह आयुष मंत्रालय के लिए रिसर्च का विषय है.'


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शिवसेना नेता ने कहा कि हरियाणा की चौधरी चरण सिंह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से कुछ दिन पहले उनके पास कुछ लोग आए. उन्होंने उनसे पूछा कि आप नया क्या कर रहे हैं? इस पर उन्होंने बताया कि वे आयुर्वेदिक अंडे पर रिसर्च कर रहे हैं. राउत ने कहा कि जब पूछा कि यह आयुर्वेदिक अंडा क्या है? तो उन्होंने बताया कि उनके संस्थान में जो पोल्ट्री फार्म बनाया गया है, उसमें मुर्गी को सिर्फ आयुर्वेदिक भोजन खिलाया जाता है. उससे जो अंडा पैदा होता है, वह पूरी तरह से शाकाहारी होता है. वह आयुर्वेदिक अंडा है. जिन्हें प्रोटीन की जरूरत है, और जो मांसाहार नहीं करना चाहते, वे भी इसे खा सकते हैं. राउत ने कहा कि आयुष मंत्रालय की यह जिम्मेदारी है, कि आपको यह प्रमाणित करना होगा कि यह अंडा शाकाहारी है या मांसाहारी. इस देश में शाकाहार और मांसाहार का बहुत बड़ा विवाद चल रहा है.

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संजय राउत ने कहा कि विश्व में प्रधानमंत्री मोदी जी हमारे आयुर्वेद और योग के सबसे बड़े एम्बेसडर हो गए हैं. पूरे विश्व में योग है, पूरे विश्व में आयुर्वेद है, तो आयुष मंत्रालय का 1500 करोड़ रुपये के बजाय कम से कम 10 हजार करोड़ रुपये का बजट होना चाहिए.

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आयुर्वेद की तारीफ करते हुए राउत ने कहा कि आपको मालूम है कि हम आयुर्वेद का दरवाजा कब खटखटाते हैं? जब सब दरवाज़े बंद हो जाते हैं. जब ऐलोपैथी वाला कहता है कि अब हमसे कुछ नहीं होगा.

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राउत ने कहा कि आयुष मंत्रालय के जो प्रोडक्ट हैं, उनको बनाने में आपको बहुत मदद करनी पड़ेगी. महाराष्ट्र एक विकासशील राज्य है लेकिन आज भी ग्रामीण अस्पतालों में ऐसे आयुर्वेदिक डॉक्टर नहीं दिखते, जो एमएस और एमडी स्तर के हों. आयुर्वेदिक कालेजों में पंचकर्म के लिए कुछ अलग से प्रावधान नहीं किया गया है. वहां जो स्टूडेंस इंटर्नशिप करते हैं, उनको अब तक मानदेय भी नहीं मिल रहा है.



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