बिहार चुनाव: दो और पूर्व डीजी लड़ सकते हैं इलेक्शन, एक ने पिछले महीने ही थामा जेडीयू का दामन

31 जुलाई को डीजी (पुलिस भवन निर्माण) पद से रिटायर हुए 1987 बैच के आईपीएस अफसर सुनील कुमार ने भी राजनीति की राह पकड़ ली है.

बिहार चुनाव: दो और पूर्व डीजी लड़ सकते हैं इलेक्शन, एक ने पिछले महीने ही थामा जेडीयू का दामन

बिहार में 243 सीटों के लिए अक्टूबर-नवंबर में विधान सभा चुनाव होने हैं.

खास बातें

  • बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने लिया वीआरएस, एसके सिंघल को प्रभार
  • बक्सर से बीजेपी के टिकट पर असेंबली चुनाव लड़ने की संभावना
  • पूर्व डीजी सुनील कुमार पिछले महीने हुए थे जेडीयू में शामिल
नई दिल्ली:

बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गुप्तेश्वर पांडेय (Gupteshwar Pandey) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृति ली है. सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उनकी जगह एसके सिंघल को डीजीपी का प्रभार दिया है. माना जा रहा है कि गुप्तेश्वर पांडेय बक्सर से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं. पिछले महीने पांडेय तब सुर्खियों में थे, जब उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत मौत के केस में रिया चक्रवर्ती पर औकात से जुड़ी टिप्पणी की थी. गुप्तेशवर पहले पूर्व डीजी (महानिदेशक) नहीं है जो रिटायरमेंट के बाद सियासी पारी खेलने जा रहे हैं.

31 जुलाई को डीजी (पुलिस भवन निर्माण) पद से रिटायर हुए 1987 बैच के आईपीएस अफसर सुनील कुमार ने भी राजनीति की राह पकड़ ली है. उन्होंने पिछले महीने 29 अगस्त को जेडीयू की सदस्यता भी ले ली. माना जा रहा है कि सुनील कुमार गोपालगंज से जेडीयू टिकट पर चुनाव लड़ेंगे. वह तेज-तर्रार दलित अधिकारी रहे हैं. उन्हें सीएम नीतीश कुमार के करीबी नेता लल्लन सिंह ने पार्टी की सदस्यता दिलाई.

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सुनील कुमार के पिता भी बिहार विधानसभा के सदस्य रह चुके हैं. उनके भाई अनिल कुमार फिलहाल गोपालगंज से ही कांग्रेस के विधायक हैं. सुनील कुमार के अलावा नीतीश के करीबी एक और बड़े पुलिस अधिकारी और पूर्व डीजीपी के एस द्विवेदी के भी चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हैं. ये तीनों डीजी रैंक के अधिकारी सीएम नीतीश की पसंद रहे हैं. द्विवेदी गुप्तेश्वर पांडेय से पहले राज्य के डीजीपी थे.

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केएस द्विवेदी के भागलपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें हैं. द्विवेदी अपने युवा दिनों में भागलपुर में एसपी रह चुके हैं और भागलपुर में 1990 के दशक में हुए दंगें को शांत कराने में काफी अहम भूमिका निभाई थी. माना जा रहा है कि भागलपुर शहरी या उसके आस-पास की किसी विधान सभा सीट से द्विवेदी चुनाव लड़ सकते हैं. फिलहाल द्विवेदी बिहार राज्य कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हैं.

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1987 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे गुप्तेश्वर पांडेय इससे पहले भी चुनाव लड़ने के लिए इस्तीफा दे चुके हैं. साल 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने वीआरएस का आवेदन दिया था लेकिन सरकार ने उनके आवेदन को नामंजूर कर दिया था.

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