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इंद्राणी मुखर्जी के साथ भायखला जेल में मारपीट की पुष्टि, जानें क्यों हुई थी पिटाई

भायखला जेल में इंद्राणी मुखर्जी के साथ मारपीट की पुष्टि हुई है. इंद्राणी की मेडिकल जांच की रिपोर्ट में उसके हाथ और शरीर के दूसरे हिस्सों में चोट के निशान पाए गए हैं.

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इंद्राणी मुखर्जी के साथ भायखला जेल में मारपीट की पुष्टि, जानें क्यों हुई थी पिटाई

जेल में इंद्राणी मुखर्जी के साथ मारपीट की पुष्टि

खास बातें

  1. साथी कैदी की मौत को लेकर इंद्राणी ने उठाए थे सवाल
  2. डॉक्टरों ने मेडिकल रिपोर्ट में मारपीट की पुष्टि की
  3. केस दर्ज करवा सकती है इंद्राणी मुखर्जी
मुंबई: भायखला जेल में इंद्राणी मुखर्जी के साथ मारपीट की पुष्टि हुई है. इंद्राणी की मेडिकल जांच की रिपोर्ट में उसके हाथ और शरीर के दूसरे हिस्सों में चोट के निशान पाए गए हैं. इंद्राणी ने शिकायत की थी कि महिला क़ैदी की पिटाई के मामले में उसे गवाही देने से रोकने के लिए उसके साथ जेल में मारपीट की गई, जिसके बाद अदालत ने इंद्राणी का मेडिकल टेस्ट कराने का आदेश दिया था.अब इंद्राणी आज थाने जाकर भायखला जेल के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकती हैं (महिला कैदी मंजुला शेट्टे की मौत की पूरी कहानी इंद्राणी मुखर्जी की जुबानी)

इंद्राणी ने दो दिन पहले आरोप लगाया था कि उसे जेल में एक दोषी की मौत को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद जेल अधिकारियों ने पीटा और यौन शोषण करने की धमकी दी. पूर्व मीडिया कार्यकारी के वकील ने बाद में सीबीआई अदालत में एक अर्जी दायर कर आरोप लगाया कि जेल अधिकारियों और अधीक्षक ने इंद्राणी से गाली-गलौज की और जेल में मौत के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यौन शोषण करने की धमकी दी. विशेष सीबीआई न्यायाधीश जेसी जगदले ने बुधवार को कहा था कि इंद्राणी को पहले चिकित्सकीय जांच के लिए ले जाया जाए और बाद में उसे शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने ले जाया जाए. जेजे अस्पताल में इंद्राणी की चिकित्सकीय जांच की गई. अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, इंद्राणी को कुछ गुम चोटें और अन्य चोटें भी आयी हैं. हमारी जांच के अनुसार पिटाई किए जाने के उनके दावे सही लग रहे हैं. अधिकारी ने कहा, इंद्राणी की चिकित्सा रिपोर्ट अदालत में दाखिल की जाएगी क्योंकि अदालत ने चिकित्सा जांच के आदेश दिए थे. पुलिस के अनुसार, 23 जून को महिला दोषी मंजू गोविंद शेट्टे (45) की मौत से गुस्साई कैदियों ने अगले दिन विरोध प्रदर्शन किए. उनमें से कुछ जेल की छत पर चली गईं जबकि कुछ अन्यों ने अपना गुस्सा जताने के लिए परिसर के भीतर अखबारों और दस्तावेजों में आग लगा दी.

बाद में नागपाडा पुलिस ने इंद्राणी समेत भायखला जेल की करीब 200 कैदियों पर दंगा करने, गैरकानूनी ढंग से एकत्रित होने, सरकारी सेवक पर हमला करने और भारतीय दंड संहिता की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए. इंद्राणी ने यह भी बताया कि उसने महिला कैदी को कथित तौर पर पीटे जाते हुए देखा था. उसने कहा कि जब उसने शेट्टे की मौत से पहले उसकी हालत के बारे में पूछा तो उसे बताया गया कि वह ठीक है, हालांकि बाद में इंद्राणी को पता चला कि शेट्टे की मौत हो गई है. इंद्राणी ने सीबीआई अदालत को बताया कि शेट्टे की मौत का मामला दर्ज किए जाने के बाद उसने जेल अधिकारियों को बताया कि वह इस मामले में गवाही देने के लिए तैयार है. प्रदर्शन वाले दिन के घटनाक्रमों को याद करते हुए उसने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने जेल की लाइटें बंद करने के बाद लाठीचार्ज करने के आदेश दिए थे. उसने आरोप लगाया कि यहां तक कि पुरुष अधिकारियों ने जेल में कैदियों पर लाठीचार्ज किया.

उसने कहा, मुझे हाथ और पैर पर मारा गया. मैं मुश्किल से चल पा रही हूं. उसने आरोप लगाया कि अधीक्षक ने उससे कहा, तू गवाह बनने जा रही है..तेरे को भी देख लेंगे. उसने कहा कि अधीक्षक ने उसे धमकी देते हुए कहा, हम तेरे साथ भी वही करेंगे तो हमने शेट्टे के साथ किया था. (इनपुट्स भाषा से भी)


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