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घूसकांड में फंसे CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का क्या है नरेंद्र मोदी 'कनेक्शन'

गुजरात का बहुचर्चित गोधरा कांड तो याद होगा आपको. उस दौरान गोधरा कांड की जांच के लिए गठित हुई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) ने ही नेतृत्व किया था.

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घूसकांड में फंसे CBI के स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना का क्या है नरेंद्र मोदी 'कनेक्शन'

राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) ने गोधरा कांड की जांच की थी.

नई दिल्ली :

सीबीआई (CBI) में मचे घमासान के बीच सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा ( Alok Verma) और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) को छुट्टी पर भेज दिया गया है. दोनों अफसरों को फोर्स लीव पर भेजे जाने के बाद उनके सीबीआई मुख्यालय स्थित दफ्तरों को भी सील कर दिया गया है. दूसरी तरफ, ज्वाइंट डायरेक्टर एम नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम निदेशक बनाया गया है. अग्रिम आदेशों तक अब सीबीआई का कामकाज एम नागेश्वर राव ही देखेंगे. सीबीआई के नंबर वन और नंबर टू के बीच चल रही 'नूराकुश्ती' सड़क पर आने के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है. इस पूरे मामले में कांग्रेस ने पीएम मोदी को घेरा है और उन पर सीबीआई की साख को बट्टा लगाने का आरोप मढ़ा है. खासकर, राकेश अस्थाना को पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का करीबी भी बताया जा रहा है.

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कौन हैं राकेश अस्थाना : 
राकेश अस्थाना (Rakesh Asthana) 1984 बैच के गुजरात कैडर के IPS हैं.  रांची में जन्मे अस्थाना की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई नेतरहाट स्कूल से हुई. पिता शिक्षक रहे. सेंट जेवियर्स कॉलेज से माध्यमिक स्तर की शिक्षा लिए. फिर दिल्ली पहुंचे. जेएनयू से पढ़ाई की. इसके बाद संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी करने लगे. पहले ही प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में बाजी मारी. वह पहली बार साल 1996 में चर्चा में आए, जब उन्होंने चारा घोटाला मामले में लालू यादव को गिरफ्तार किया. 

राकेश अस्थाना का मोदी कनेक्शन : 
गुजरात का बहुचर्चित गोधरा कांड तो याद होगा आपको. उस दौरान गोधरा कांड की जांच के लिए गठित हुई स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (एसआइटी) का राकेश अस्थाना ने ही नेतृत्व किया था और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में दंगों की जांच की. इन दंगों में गुजरात के तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी पर भी तमाम तरह के आरोप लगे थे. रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की जांच कर रही एसआइटी ने कोर्ट में कहा था कि कारसेवकों से भरी ट्रेन को सुनियोजित तरीके से आग के हवाले किया गया था. इस दौरान अस्थाना पर बीजेपी सरकार के इशारे पर काम करने के आरोप लगते रहे.

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सूरत-वडोदरा के रहे हैं कमिश्नर : 
राकेश अस्थाना ने 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद में हुए बम धमाकों की भी जांच की थी.  उन्होंने इस केस की 22 दिनों में ही जांच निपटाकर चार्जशीट पेश कर दी थी. आपको बता दें कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के सीएम थे तब राकेश अस्थाना वडोदरा और सूरत जैसे महत्वपूर्ण जिलों के पुलिस कमिश्नर भी रहे. कहा जाता है कि इस दौरान उनकी नरेंद्र मोदी और अमित शाह से नजदीकी और बढ़ी. यही वजह है कि अब सीबीआई की कलह सामने आने के बाद विपक्ष उन पर हमलावर है. खुद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन्हें पीएम मोदी का चहेता तक करार दे दिया है.  

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