राज्यसभा में हंगामा करने वाले सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव ला सकती है सरकार: सूत्र

सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि सदन में हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आज सरकार प्रस्ताव ला सकती है. जानकारी है कि नियम 256 के तहत सांसदों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. इस नियम के तहत हंगामा करने वाले सांसदों का निलंबन संभव है.

राज्यसभा में हंगामा करने वाले सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव ला सकती है सरकार: सूत्र

राज्यसभा में हंगामा करने वाले सांसदों का हो सकता है निलंबन. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

खास बातें

  • रविवार को राज्यसभा में हुआ था खूब हंगामा
  • सरकार कार्रवाई के लिए ला सकती है प्रस्ताव
  • कई सांसदों के निलंबन की कर सकती है मांग
नई दिल्ली:

राज्यसभा में रविवार को किसान विधेयक पर चर्चा के दौरान जबरदस्त हंगामा हुआ था. अब सूत्रों के हवाले से जानकारी है कि सदन में हंगामा करने वाले सांसदों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आज सरकार प्रस्ताव ला सकती है. जानकारी है कि नियम 256 के तहत सांसदों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. इस नियम के तहत हंगामा करने वाले सांसदों का निलंबन संभव है.

बता दें कि रविवार को विपक्ष के कई सांसदों ने सदन में जमकर हंगामा किया था. संजय सिंह और राजीव साटव महासचिव के सामने टेबल पर चढ़ गए थे. वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आसन के सामने रूल बुक लहराई थी. कुछ सांसदों ने आसन पर लगा माइक तोड़ दिया था. कई अन्य सांसदों ने किसान बिल की कॉपी फाड़ कर बिखेर दी थी.

सदन में सांसदों ने 'तानाशाही बंद करो' के नारे तक लगाए थे. यहां तक कि हंगामे के चलते एक बार 10 मिनट के लिए राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित भी करना पड़ा था. सांसदों की मांग थी कि आगे की चर्चा के लिए विधेयकों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए. डेरेक ओ ब्रायन ने सदन में ही आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही नियमों के खिलाफ हुई है. बाद में डेरेक ओब्रायन की एक तस्वीर आई थी, जिसमें उनके घुटने पर चोट लगी हुई थी.

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बस विपक्षी पार्टियों के सांसद ही नहीं, एनडीए की सहयोगी पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने भी इसपर सरकार को चेतावनी दी. पार्टी से इकलौती कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं. वहीं, बीजेपी सांसद नरेश गुजराल ने भी इन विधेयकों को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजकर हितधारकों की राय जानने की वकालत की.

इतने हंगामे के बावजूद सत्ता पक्ष ये तीन किसान विधेयक पास करा ले गई. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब ये कानून बन जाएंगे. 

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