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JNU मामले में चार्जशीट दायर: 'कन्हैया कुमार ने भी लगाए देश विरोधी नारे, पुलिस के पास है भाषण का वीडियो'

इस मामले करीब 30 और लोग संदिग्ध पाए गए थे. लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे. 

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खास बातें

  1. जेएनयू में कथित देश विरोधी नारेबाजी में चार्जशीट
  2. 2000 पन्नों का आरोपपत्र
  3. कन्हैया के अलावा उमर खालिद और अनिर्बान के नाम
नई दिल्ली:

दिल्ली पुलिस ने जेएनयू मामले में पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट आज दाखिल कर दी है. ये चार्जशीट सेक्शन-124 A,323,465,471,143,149,147,120B के तहत  पेश की गई है. चार्जशीट में कुल 10 मुख्य आरोपी बनाए हैं जिसमें कन्हैया कुमार,उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य हैं. चार्जशीट में मुख्य आरोपी कन्हैया कुमार, अनिर्बान भट्टाचार्य, उमर खालिद, सात कश्मीर छात्र और 36 अन्य लोग हैं. चार्जशीट के मुताबिक कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे. गवाहों के हवाले से चार्जशीट में बताया गया है कि कन्हैया कुमार ने भी देश विरोधी नारे लगाए थे. पुलिस को कन्हैया का भाषण देते हुए एक वीडियो भी मिला है. इसके साथ ही कहा गया है कि कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की पहले से जानकारी थी. चार्जशीट में जिन सात कश्मीरी छात्रों के नाम हैं, उनसे पूछताछ हो चुकी है.

कन्हैया कुमार,उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य और 7 कश्मीरी छात्रों के नाम कॉलम नंबर 11 में रखे गए हैं. कॉलम नंबर 11 का मतलब ये होता है कि इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और इन पर केस चलाया जा सकता है. बाकी 36 लोगों के नाम कॉलम नंबर 12 में रखा गया है जिनमें डी राजा की बेटी अपराजिता और शहला राशिद भी शामिल हैं. कॉलम नंबर 12 का मतलब ये हैं कि ये आरोपी तो हैं लेकिन जांच में पुलिस को इनके खिलाफ सबूत नहीं मिले. कोर्ट चाहे तो इन्हें समन कर सकता है. देशद्रोह,दंगा भड़काना, अवैध तरीके से इकठ्ठा होना और साज़िश के आरोप में पेश होगी चार्जशीट .कुल 46 आरोपी हैं. 


पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सबूत के तौर पर  घटना के वक़्त के कई वीडियो फुटेज, जो सीबीआई की सीएफएसएल (CFSL) में जांच के लिए भेजे गए थे और जिसके नमूने  पॉजिटिव पाए गए थे, इसके अलावा मौके पर मौजूद कई लोगों के बयान, मोबाइल फुटेज, फेसबुक पोस्ट, बैनर पोस्टर शामिल हैं. वहीं जेएनयू प्रशासन, एबीवीपी के छात्र, सिक्योरिटी गार्ड, औऱ कुछ अन्य छात्र को भी इसमें गवाह बनाया गया है.  इस मामले करीब 30 और लोग संदिग्ध पाए गए थे. लेकिन उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले थे. 

तय आरोपों के अनुसार कन्हैया को पूरे कार्यक्रम की जानकारी पहले से थी. सात कश्मीरी छात्रों जिनके नाम चार्जशीट में हैं. उनसे भी पूछताछ की जा चुकी हैं, पर इन्हें बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट किया गया है. कुल 1200 पेज की चार्जशीट है. इस ममाले में 90 गवाह बनाए गए हैं.

आरोपी सभी कश्मीरी छात्र जामिया अलीगढ़ और जेएनयू के छात्र हैं. सबूत के तौर पर करीब 10 वीडियो क्लिप अहम सबूत हैं, जिनकी जांच CBI की CFSL में हुई थी. दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में गवाहों के बयानों के आधार पर यह बताया है कि कन्हैया ने देश विरोधी नारे लगाए लगाए थे. जो वीडियो मिले हैं उनसे ये पता चलता है कि कन्हैया वहां थे. जो वीडियो भाषण वाला है उसमें क्या है? ये साफ नहीं किया.

मुख्य आरोपी

1. कन्हैया

2. उमर खालिद

3. अनिर्बान

(ये तीनों गिरफ्तार हुए थे बेल पर हैं)

1.  मुजीर (जेएनयू छात्र)

2. मुनीर (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी)
            (दोनों भाई हैं)

3. उमर गुल (जामिया यूनिवर्सिटी)

4. बसारत (जामिया)

5. रईस रसूल (स्टूडेंट नहीं है)

6. अकीब -  डेंटल डाक्टर है

7. खालिद भट्ट (जेएनयू छात्र)

(ये सभी कश्मीरी हैं जिन्होंने नारे लगाए. गिरफ्तार नहीं हुए थे चार्जशीट में कालम नम्बर 11 में नाम)

36 आरोपी चार्जशीट में कालम नम्बर 12 में हैं. इनमें प्रमुख हैं-

1. सहला रशीद

2. अपराजिता राजा (डी राजा की बेटी)

3. रामा नागा

4. बंजोशनला लाहरी (अम्बेडकर यूनिवर्सिटी में एसोशिएट प्रोफेसर)

5. आशुतोष

6. इशान

(केस का आधार, वीडियो फुटेज, सीएफएल रिपोर्ट और बयान)

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आपको बता दें कि 9 फरवरी 2016 में जेएनयू कैंपस में अफजल गुरु और मकबूल भट्ट के फांसी के विरोध में एक प्रोग्राम आयोजित किया गया था, जिसमें देश विरोधी नारे लगाने के आरोप हैं. पुलिस ने उस वक़्त दिल्ली के बसंत कुंज नार्थ थाने में कन्हैया कुमार, उमर खालिद, और अनिबर्न भट्टाचार्य के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार भी किया था. जिसके बाद सभी आरोपियों को दिल्ली हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी थी.  

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पूरा घटनाक्रम

  1. तारीख 9 फरवरी 2016 को दिल्ली के जेएनयू में अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की फांसी को न्यायिक हत्या बताते हुए छात्रों ने साबरमती ढाबे के पास एक प्रोग्राम का आयोजन किया था. इस कार्यक्रम का नाम "द कंट्री विदआउट पोस्ट आफिस" था,क्रार्यक्रम के दौरान आरोप है कि  वहां मौजूद छात्रों ने देश विरोधी नारे लगाए. सारा घटनाक्रम  कैमरे में कैद हुआ. 
  2. साबरमती ढाबे से कार्यक्रम का आयोजन करने वाले करीब 80 छात्र गंगा ढाबे की तरफ बड़े,वहां दूसरे गुट एबीवीपी से उनका झगड़ा हो गया. उसके बाद ये फुटेज न्यूज़ चैनल्स पर चला. 
  3. 11 फरवरी को पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी की शिकायत पर पुलिस ने देशद्रोह का केस दर्ज किया.
  4. केस दर्ज करने के बाद  पुलिस ने कन्हैया कुमार, उमर खालिद,और अनिरबन भटाचार्य से पूछताछ की.
  5. 12 फरवरी को जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया, जबकि उमर खालिद समेत कुछ छात्र गायब हो गए.
  6. 15 फरवरी को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के दौरान कुछ वकीलों ने कन्हैया कुमार और कुछ पत्रकारों की पिटाई कर दी. 
  7. 21 फरवरी को सभी फरार छात्र जेएनयू पहुंच गए. 
  8. 24 फरवरी 2016 को दिल्ली पुलिस ने अर्निबान भटाचार्य और उमर ख़ालिद को अरेस्ट कर लिया. 
  9. 19 मार्च 2016 को तीनों छात्र कन्हैया कुमार, उमर, और अर्निबान को जमानत मिल गयी.
  10. 26 अप्रैल को जेएनयू की इनक्यारी कमिटी ने 21 छात्रों को नियमों का उल्लंघन का दोषी पाते हुए अनुशासनात्मक करवाई की बात कही,जिसका छात्रसंघ ओर junta ने विरोध किया और मानने से इनकार किया. 
  11. 10 ओर 12 मई को छात्र दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुशासनात्मक करवाई के खिलाफ.
  12. 13 मई को हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के कार्रवाई पर स्टे लगा दिया. 

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