लद्दाख में भारतीय सेना ने चीनी घुसपैठ को रोका, VIDEO में देखें उसके बाद कैसे शुरू हुई पत्‍थरबाजी...

सूत्रों के मुताबिक वहां दो दर्जन भारत-तिब्‍बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवान और करीब तीन दर्जन सैनिक थे. चीनी सेना की तरफ से भी इतने ही जवान बताए जा रहे हैं.

लद्दाख में भारतीय सेना ने चीनी घुसपैठ को रोका, VIDEO में देखें उसके बाद कैसे शुरू हुई पत्‍थरबाजी...

लद्दाख में कई सालों के बाद इस तरह की पहली झड़प हुई है.

खास बातें

  • 15 अगस्‍त के दिन दोनों पक्षों में हुई झड़प
  • चीन ने इस तरह की घटना से इनकार किया
  • भारत ने घटना की पुष्टि की
नई दिल्‍ली:

15 अगस्‍त के दिन लद्दाख में भारतीय और चीनी सेना के बीच जो झड़प हुई थी, उस पत्‍थरबाजी का वीडियो अब सामने आया है. सोशल मीडिया में यह वीडियो काफी चर्चा का विषय बन रहा है. इस वीडियो में दोनों देशों के सैनिकों को आपस में भिड़ते और पत्‍थरबाजी करते दिखाया जा रहा रहा है. सूत्रों के मुताबिक वहां दो दर्जन भारत-तिब्‍बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के जवान और करीब तीन दर्जन सैनिक थे. चीनी सेना की तरफ से भी इतने ही जवान बताए जा रहे हैं. अधिकारियों ने NDTV से इस वीडियो की सत्‍यता की पुष्टि की है.

यह घटना ऐसे वक्‍त में हुई है जब सिक्किम के डोकलाम में पिछले दो महीने से टकराव जारी है. उस दिन चीन ने लद्दाख में भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश की. इसके तहत पिछले मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे चीन के सैनिक पांच छह गाड़ियां लेकर आए और उसे अपने इलाके में खड़ी कर पैदल भारतीय इलाके में घुस आए.

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VIDEO: पत्‍थरबाजी का वीडियो हुआ वायरल

जिस जगह से चीनी सैनिक भारत में दाखिल हुए वह पेंगोंग झील का इलाका है. चीनी सैनिकों की इस हरकत को देखकर वहां तैनात आईटीबीपी के जवानों ने ह्यूमन चैन बना लिया और उन्हें रोकने लगे. इस दौरान देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई हुई. यह विवाद दो घंटे तक चला.

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सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक भारतीय फौज के विरोध के बाद चीनी सैनिक अपनी सीमा में लौट गए और वहीं से पत्थर फेंकने लगे. चीनी सैनिकों की ओर से फेंके गए पत्थर से आईटीबीपी के कुछ जवानों को चोटें आई. उसके बाद रस्मी 'बैनर ड्रिल' के बाद स्थिति को नियंत्रण में लाया गया. बैनर ड्रिल के तहत दोनों पक्ष अपने स्थान पर जाने से पहले बैनर दिखाते हैं. इस घटना के बाद दोनों पक्षों के बीच फ्लैग मीटिंग हुई. इसके तहत ब्रिगेडियर स्‍तर के अधिकारियों की लद्दाख के चुशूल में तनाव को कम करने के लिए बैठक हुई. वैसे वर्षों बाद इस तरह के झड़प की पहली घटना लद्दाख में हुई.