NDTV Khabar

PM मोदी को कांग्रेस की सलाह- 'अगर चीन कश्मीर की बात करता है तो हम क्यों नहीं कहते कि हांगकांग...'

कांग्रेस ने चीन द्वारा भारत के अंदरूनी मामलों को टारगेट किए जाने से रोकने में विफल रहने पर मोदी सरकार की आलोचना की.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
PM मोदी को कांग्रेस की सलाह- 'अगर चीन कश्मीर की बात करता है तो हम क्यों नहीं कहते कि हांगकांग...'

अगर चीन की नजर कश्मीर पर हैं तो प्रधानमंत्री क्यों नहीं कहते, हमारी नजर हांगकांग पर हैं : कांग्रेस

खास बातें

  1. कश्मीर मुद्दे पर चीन के सामने भारत के रूख पर कांग्रेस की नसीहत
  2. पूछा- पीएमओ चीन के सामने हांगकांग का मुद्दा क्यों नहीं उठाता
  3. कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्विटर के माध्यम से पूछा सवाल
नई दिल्ली:

चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले कांग्रेस ने गुरुवार को सवाल किया कि शी चिनफिंग जब यह कहते हैं कि उनकी नजर कश्मीर पर है तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह क्यों नहीं कहते कि भारत भी हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का गला घोंटा जाना देख रहा है. कांग्रेस ने चीन द्वारा भारत के आंतरिक मामलों को लक्ष्य किए जाने से रोकने में विफल रहने पर मोदी सरकार की आलोचना की. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने ट्विटर पर कहा, “शी चिनफिंग कहते हैं कि उनकी नजर जम्मू-कश्मीर पर है, तो प्रधानमंत्री मोदी या विदेश मंत्रालय क्यों नहीं कहता कि भारत हांगकांग में लोकतंत्र को लेकर जारी प्रदर्शन का मुंह बंद किया जाना देख रहा है. हम शिंजियांग में हो रहे मानवाधिकार के उल्लंघन, तिब्बत और दक्षिण चीन सागर में चीन के दखल पर नजर बनाए हुए हैं.”

PM मोदी और शी चिनफिंग की मुलाकात महाबलिपुरम में ही क्यों? जानिए पूरा कार्यक्रम


उन्होंने कहा कि जब चीन पाक अधिकृत कश्मीर और उसे वापस लेने की बात बार-बार करता है तो भारत चीन से अक्साई चिन के बारे में पूछे जिसे पाकिस्तान ने “अवैध रूप से उसे दे दिया'' तिवारी ने पूछा कि जिस तरह चीन कश्मीर मुद्दा उठाता रहता है उसी तरह भारत क्यों नहीं शिंजियांग में मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाता है.

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की कश्मीर पर टिप्पणी को लेकर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति, आया यह बयान... 

टिप्पणियां

कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, “राजग/भाजपा में सभी पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगित-बाल्टिस्तान को पाक से वापस लेने के लिये जोर-शोर से बात करते हैं लेकिन उनमें से किसी में भी यह कहने की हिम्मत नहीं है कि हम चीनियों से अक्साई चीन वापस लेंगे जो 1963 में पाकिस्तान द्वारा उसे अवैध रूप से दे दिया गया था. क्या भारत का प्रधानमंत्री कार्यालय शी के समक्ष अक्साई चीन की वापसी का मुद्दा उठाएगा?”

Video: 11-12 अक्टूबर को मिलेंगे PM मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग



Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement