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तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक, मगर BJP की नीति दोगली: कांग्रेस

कांग्रेस ने तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का तो स्वागत किया है, मगर इसी मुद्दे पर केंद्र सरकार की मंशा पर सवालिया निशान लगाए हैं.

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तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला ऐतिहासिक, मगर BJP की नीति दोगली: कांग्रेस

कांग्रेस ने कहा कि तीन तलाक की प्रथा इस्लामिक शिक्षा के विरूद्ध है

खास बातें

  1. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक ठहराया है
  2. फैसले को बताया महिलाओं के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण
  3. सरकार को पहले ही इसे रोकने का कानून बनाना चाहिए था- कांग्रेस
नई दिल्ली: तीन तलाक पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए कांग्रेस ने इसका स्वागत किया और कहा कि भेदभाव को दूर करने और महिलाओं का अधिकार बहाल करने की दिशा में यह निर्णय बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा. कांग्रेस ने साथ ही भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मामले में दोगली नीति पर चल रही है क्योंकि यदि वह मुस्लिम महिलाओं के हितों को लेकर इतनी ही चिंतित थी तो उसे उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा किए बिना ही तीन तलाक को प्रतिबंधित करने के लिए कानून बना देना चाहिए था.

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पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी उच्चतम न्यायालय के इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करती है. तीन तलाक की प्रथा इस्लामिक शिक्षा के विरूद्ध है. तीन तलाक की प्रथा इस्लामिक न्यायशास्त्र के दो मूल स्रोत कुरान और हदीस के विरूद्ध है. उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले से भेदभाव एवं शोषण दूर होगा और महिलाओं के अधिकार बहाल होंगे. उन्होंने कहा कि हमने पहले भी कहा था कि हम इस मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय की प्रतीक्षा करेंगे और वह जो भी फैसला देगा, वह सभी को मान्य होगा.

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भाजपा द्वारा इस मु्द्दे पर शुरू से अपना रुख स्पष्ट रखने और कांग्रेस द्वारा उसका रूख स्पष्ट नहीं किए जाने के बारे में सवाल किये जाने पर सुरजेवाला ने कहा कि हमने शुरू से ही फोन, व्हाट्स ऐप, ईमेल आदि के जरिये फौरी तलाक का विरोध किया था और उच्चतम न्यायालय के निर्णय से हमारा रुख सही साबित हुआ है.

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उन्होंने भाजपा की ओर संकेत करते हुए कहा कि वे इस तरह के मामलों का इस्तेमाल वोट की राजनीति के लिए नहीं करते, जैसा कि आज की सत्तासीन पार्टी करती है. और यदि यह उनका रूख था तो वह कानून लेकर क्यों नहीं आए. उन्होंने उच्चतम न्यायालय के निर्णय का इंतजार क्यों किया. सुरजेवाला ने कहा कि भाजपा को यह दोगली नीति बंद करनी चाहिए कि इधर भी चलेंगे और उधर भी चलेंगे. यदि उनका रुख था तो उनके पास संसद में बहुमत है. वह उच्चतम न्यायालय के फैसले की प्रतीक्षा किए बिना कानून लाते और इसे खारिज करवा देते.


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