Budget 2021 पर बिफरी कांग्रेस, बोली- "सब कुछ बेचने में जुटी सरकार, किसानों के लिए कुछ भी नहीं है"

बजट होने के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एनडीटीवी से कहा कि बजट में केवल दिखावा है. किसानों के लिये भी कुछ भी नहीं है. जहां चुनाव हैं, वहां के लिये कुछ दिया गया है.

Budget 2021 पर बिफरी कांग्रेस, बोली-

बजट को लेकर कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

वित्त वर्ष 2021-22 के आम बजट (Union Budget 2021) को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस (Congress) ने सरकार पर सोमवार को निशाना साधा. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बजट में केवल दिखावा है. इस बजट में किसानों के लिये कुछ भी नहीं है. चौधरी ने केंद्र पर सरकारी परिसंपत्तियों को बेचने का आरोप लगाया है. सरकार ने बजट में विनिवेश से आगामी वित्त वर्ष 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है.

बजट पेश होने के बाद लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने एनडीटीवी से कहा कि बजट में केवल दिखावा है. किसानों के लिये भी कुछ भी नहीं है. जहां चुनाव हैं, वहां के लिये कुछ दिया गया है. इसके जरिए निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार सब कुछ बेचने जा रही है. 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बजट पेश किया और विनिवेश को लेकर बड़ा लक्ष्य रखा है. एक बड़ी अहम घोषणा यह रही कि सरकार ने 2021-22 में बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की घोषणा की है. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बिक्री से वित्त वर्ष 2021-22 में 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का अगले वित्त वर्ष में दो सरकारी बैंकों तथा एक बीमा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी की बिक्री का इरादा है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (पीएसई) नीति पेश करते हुए कहा कि चार रणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर अन्य क्षेत्रों की सरकारी कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगले वित्त वर्ष में आईडीबीआई बैंक, बीपीसीएल, शिपिंग कॉरपोरेशन, नीलाचल इस्पात निगम लि. और अन्य कंपनियों का विनिवेश किया जाएगा.

(भाषा के इनपुट के साथ)

वीडियो: बजट 2021: कृषि क्षेत्र और किसानों के लिए वित्त मंत्री ने किए ऐलान
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com