सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सुलह BJP के चेहरे पर तमाचा है : कांग्रेस नेता

महीने भर से ज्यादा वक्त से राजस्थान कांग्रेस में चली सियासी उठा-पटक के बाद प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की 'घरवापसी' के बाद सोमवार को कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पायलट और मुख्यमंत्री गहलोत के बीच में समझौता 'बीजेपी के अलोकतांत्रिक चेहरे पर पड़ा सीधा थप्पड़ है'.

सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सुलह BJP के चेहरे पर तमाचा है : कांग्रेस नेता

केसी वेणुगोपाल ने कहा- समझौते से पायलट और गहलोत दोनों खुश. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

महीने भर से ज्यादा वक्त से राजस्थान कांग्रेस में चली सियासी उठा-पटक के बाद प्रदेश के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट की 'घरवापसी' के बाद सोमवार को कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पायलट और मुख्यमंत्री गहलोत के बीच में समझौता 'बीजेपी के अलोकतांत्रिक चेहरे पर पड़ा सीधा थप्पड़ है'. उन्होंने कहा कि दोनों 'दृढ़ प्रतिद्वंदियों' के बीच में समझौत पर सहमति बनी है, जिसके तहत बागी विधायकों की मांगें सुनने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन करना शामिल है.

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 'पायलट भी खुश हैं और हमारे मुख्यमंत्री भी खुश हैं. यह बीजेपी के अलोकतांत्रिक चेहरे पर पड़ा सीधा थप्पड़ है. वो लोग हैं, जिन्होंने खरीद-फरोख्त की कोशिश की और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. दरअसल, यह बीजेपी को उसकी गलती करनियों को लेकर एक संदेश है.'

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वेणुगोपाल ने कहा कि 'सचिन पायलट पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिले और अपनी समस्या डिटेल में बताई. उनके बीच में खुली, निष्कर्षपूर्ण बातचीत हुई. सचिन पायलट ने पार्टी और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार के हित में काम करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है.' उन्होंने कहा, 'इस मीटिंग के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तय किया है कि AICC तीन सदस्यों की एक समिति बनाएगी जो सचिन पायलट और दुखी विधायकों की ओर से उठाई गई दिक्कतों पर बातचीत करेगी और किसी उचित समाधान पर पहुंचने की कोशिश करेगी.'

पार्टी की ओर से घोषणा की गई है कि इस पैनल में प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और अहमद पटेल होंगे.

बता दें कि सोमवार को सचिन पायलट कांग्रेस के आलाकमान के नेताओं- सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिले थे ताकि उनको पार्टी में दोबारा कायदे की जगह देने के लिए डील किया जा सके. सचिन पायलट, अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग पर पार्टी से बिफरे हुए थे, लेकिन उनकी इस मांग को समझौते से बाहर रखा गया है. हां, उनकी बाकी की मांगें सुनने के लिए तीन सदस्यीय पैनल बनाया गया है. सूत्रों का कहना है कि पायलट को अब दोबारा राजस्थान कांग्रेस चीफ का पद नहीं मिलेगा, लेकिन हां उन्हें कोई और काम दिया जा सकता है.

पायलट ने समझौते के बाद कहा कि उनके मुद्दे वैचारिक थे और उन्हें उठाना जरूरी था. उन्होंने समाधान करने के लिए पार्टी का धन्यवाद दिया और कहा कि वो देश और राजस्थान की बेहतरी के लिए काम करते रहना चाहते हैं.

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