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अदालत ने 10 साल की बच्ची का बाल विवाह किया निरस्त

भारती के अनुसार, पिंकी कंवर को बाल विवाह के बाद से ससुराल वालों ने गौना करवाने के लिए दबाव बनाया था.

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अदालत ने 10 साल की बच्ची का बाल विवाह किया निरस्त

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर:

राजस्थान में जोधपुर की एक अदालत ने दस साल में जबरन ब्याह दी गई लड़की के विवाह को निरस्त कर दिया. अलवर के थानागाजी क्षेत्र की 19 वर्षीय पिंकी कंवर ने जोधपुर के सारथी ट्रस्ट की प्रबंधक ट्रस्टी एवं पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डॉ. कृति भारती के माध्यम से अदालत में अपने बाल विवाह को निरस्त करने के लिए मुकदमा दायर किया था. न्यायाधीश रेखा भार्गव की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए गत 31 जनवरी को उसका विवाह निरस्त कर दिया. दायर मुकदमे के अनुसार, अलवर जिले की मूल निवासी और जोधपुर में अध्यारत्न (19)पिंकी कंवर का करीब 10 साल की उम्र में 24 मार्च 2009 को दौसा निवासी हिम्मत सिंह राजपूत के साथ बाल विवाह करवा दिया गया था.

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भारती के अनुसार, पिंकी कंवर को बाल विवाह के बाद से ससुराल वालों ने गौना करवाने के लिए दबाव बनाया था. भारती ने कहा कि बाल विवाह निरस्त होने के बाद पिंकी के बेहतर पुनर्वास के लिए प्रयास किए जा रहे हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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