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उच्च न्यायालय ने नीरव मोदी की कंपनी से कहा- उसे वापस बुलाओ

पीठ ने कहा कि ईडी की इस दलील में दम है कि नीरव मोदी यहां एजेंसियों के समक्ष पेश नहीं हो रहा है ऐसे में उसकी कंपनियों को विवेकाधीन राहत नहीं दी जा सकती.

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उच्च न्यायालय ने नीरव मोदी की कंपनी से कहा- उसे वापस बुलाओ

नीरव मोदी की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हीरा कारोबारी नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड से मोदी को वापस बुलाने को कहा है. अदालत ने नीरव मोदी को भगोड़ा करार दिया. न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति आई एस मेहता की पीठ ने यह आदेश पारित किया. इससे पहले कंपनी के वकील ने कहा कि नीरव मोदी को इस तकनीकी आधार पर राहत से वंचित नहीं किया जाना चाहिए कि फायरस्टार इंटरनेशनल ने अपनी अनुषंगी फायरस्टार डायमंड को याचिकाएं दायर करने को अधिकृत किया है. पीठ ने फायरस्टार डायमंड और फायरस्टार इंटरनेशनल के अधिवक्ता विजय अग्रवाल से कहा कि यदि हम तकनीकी पहलू पर जोर नहीं देते हैं , तो मोदी को वापस आने को कहा जाए.

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नीरव मोदी के भारतीय एजेंसियों या अदालतों के समक्ष नहीं आने के बयान पर गंभीर चिंता जताते हुए पीठ ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार हम एक भगोड़े से निपट रहे हैं. प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक ( पीएनबी ) के 11,000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में कंपनी की संपत्तियों पर छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई की है. ईडी की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संदीप सेठी और केंद्र सरकार के स्थायी वकील अमित महाजन ने कहा कि दोनों कंपनियों को कोई राहत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि मोदी न्याय से भगोड़ा है. वह भागा हुआ और जांच में शामिल नहीं हो रहा है.

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पीठ ने कहा कि ईडी की इस दलील में दम है कि नीरव मोदी यहां एजेंसियों के समक्ष पेश नहीं हो रहा है ऐसे में उसकी कंपनियों को विवेकाधीन राहत नहीं दी जा सकती. पीठ ने यह निष्कर्ष मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया.

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VIDEO: नीरव मोदी की तलाश में है जांच एजेंसियां.

इन कंपनियों ने उनके खिलाफ मनी लांड्रिंग रोधक कानून ( पीएमएलए ) के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई को चुनौती दी थी. अदालत ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख तीन मई तय की है. (इनपुट भाषा से) 



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