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डीजीसीए ने जेट एयरवेज को तलब किया, कहा- कोई तनाव में हो तो रोस्टर में न डालें

जेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार और डीजीसीए को सुनाया दुखड़ा, तीन माह का वेतन बकाया

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खास बातें

  1. जेट एयरवेज एक बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी ज़्यादा के कर्ज में
  2. इतिहाद के साथ हुआ जेट एयरवेज का करार टूटने के कगार पर
  3. जेट एयरवेज और डीजीसीए के बीच बैठक हुई
नई दिल्ली:

भारत बड़े एयरलाइन ऑपरेटरों में से एक जेट एयरवेज की माली हालत बहुत खराब है. सरकार ने हालात के मद्देनज़र आज एयरलाइन कंपनी के साथ आपात बैठक बुलाई. मंत्रालय की सबसे बड़ी चिंता यात्रियों की सुरक्षा को लेकर है.

नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने डीजीसीए से जेट की compliance रिपोर्ट तुरंत तलब की. इससे पहले जेट एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार और डीजीसीए को बताया कि उनकी तीन महीने की सैलरी अब भी बकाया है. साथ ही लिखा कि  जेट की हालत किसी से छुपी नहीं है. सात महीने से तनख्वाह समय पर मिल नहीं रही और तीन महीने की सैलरी बकाया है. ऐसे में एयरक्राफ्ट इंजीनियर्स की मानसिक हालत ठीक नहीं है. आपसे अनुरोध है कि इस मामले में दखल दें और जेट एयरवेज को निर्देश दें कि बकाया पैसे का भुगतान करे और सैलरी समय पर दे.

जेट एक बिलियन अमेरिकी डॉलर से भी ज़्यादा के कर्ज में है. उसके महज़ 41 एयरक्राफ्ट ही फिलहाल उड़ान भर पा रहे हैं. माली हालत इतनी ज़्यादा खराब है कि इंटरेस्ट देने में भी देरी हो रही है. खबर ये भी है कि परेशानी से उबरने को लेकर इतिहाद के साथ हुआ जेट एयरवेज का करार भी टूटने के कगार पर है.


इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट के जरिए इस मसले को लेकर आपात बैठक बुलाने का निर्देश दिया. सुरेश प्रभु ने लिखा कि नागरिक उड्डयन सचिव को जेट एयरवेज के ग्राउंडिंग होते फ्लाइट्स, एडवांस बुकिंग, कैंसिलेशन, रिफंड्स और सेफ्टी से जुड़े मुद्दों को लेकर आपात बैठक बुलाने का निर्देश दिया है. साथ ही, उनको जेट के compliance issues को लेकर डीजीसीए से तत्काल रिपोर्ट तलब करने को कहा है.

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जेट एयरवेज और डीजीसीए के बीच मंगलवार को बैठक हुई जिसमें डीजीसीए ने जेट को निर्देश दिया कि यात्रियों को समय पर सारी जानकारी देना अनिवार्य है. उनके रिफंड या दूसरी फ्लाइट में अगर सीट खाली है तो उनको सीट देना भी आपकी ज़िम्मेदारी है. जेट एयरवेज का डेटा डीजीसीए की निगरानी में है. जो भी फ्लाइट ग्राउंडेड हैं या फिर उड़ान भर रही हैं उनका मेंटेनेंस सही से किया जाए. साथ में ऑपरेटर को हिदायत दी गई कि पायलट, केबिन क्रू से लेकर कोई भी स्टाफ स्ट्रेस में है तो उसको रोस्टर में नहीं रखा जाए, यह भी सुनिश्चित करें.डीजीसीए परिस्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है. अगर जरूरत पड़ी तो इस महीने के अंत तक उचित कदम उठाए जाएंगे.

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जेट के विमानों को कैंसिल करने का सिलसिला लगातार जारी है. इससे पहले आबूधाबी की उड़ान 18 मार्च से जेट ने बंद कर दी. घरेलू विमानों की उड़ान की हालत भी बहुत बेहतर नहीं है.



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