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संसद में राजनाथ सिंह ने कहा- सैफुल्ला के पिता पर नाज है, सरताज ने कहा- शुक्रिया

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नई दिल्ली: राजनाथ सिंह ने आज संसद में लखनऊ एनकाउंटर और एमपी ट्रेन ब्लास्ट पर बयान दिया. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की जांच एनआईए करेगी. वहीं उन्होंने लखनऊ में मारे गए सैफुल्लाह के पिता के बयान का हवाला भी दिया . उन्होंने कहा कि देश को उन पर नाज है. बता दें कि सैफुल्लाह के पिता सरताज ने अपने बेटे की लाश लेने से मना करा दिया. उन्होंने कहा कि जो देश का नहीं हुआ वो मेरा क्या होगा. आज पूरा सदन सैफुल्ला के पिता के साथ खड़ा है. 

राजनाथ सिंह ने सदन में सैफुल्ला के पिता मोहम्मत सरताज के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि जो देश का न हुआ वह मेरा कैसे हो सकता है. उसने कोई सही काम तो किया नहीं. मुझे उसका मुंह नहीं देखना. सैफुल्ला ने मुझे शर्मिदा कर दिया. हर किसी के लिए देश पहले है, लेकिन सैफुल्ला के लिए नहीं. जो देश का नहीं, वह मेरा क्या होगा.मैं और पूरा सदन सैफुल्ला के पिता के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं. बेटे की देशद्रोही हरकतों की उन्हें अपने बेटे को खाना पड़ा. सरकार और पूरे सदन को मोहम्मद सरताज पर नाज है. वहीं सैफुल्ला के पिता सरताज ख़ान ने गृह मंत्री का शुक्रिया अदा किया है

एमपी ट्रेन ब्लास्ट पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन में विस्फोट हुआ, जिसमें 10 लोग घायल हुए. अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है. शुरुआती जांच से पता चला है कि विस्फोटक के लिए आईइडी का इस्तेमाल किया गया. जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों से संपर्क किया गया. वहां इस संबंध में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार में किया गया. जांच के आधार पर यूपी में छापेमारी की गई. इसके बाद सैफुल्ला की जानकारी मिली. सैफुल्ला को गिरफ्तार करने के प्रयास किए गए, लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया. उसने एटीएस पर फायरिंग कर दी. कई घंटों की मुठभेड़ के बाद सैफुल्ला को मार गिराया गया. एटीएस ने कानपुर से भी एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया. इस पूरे घटनाक्रम में अब तक छह गिरफ्तारियां हुई है. मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश ने तेज कार्रवाई की. इस पूरे प्रकरण की जांच एनआईए को सौंप दी गई है. (संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण, पीएम नरेंद्र मोदी बोले- उम्मीद है GST पास होगा)

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उधर, सैफुल्ला के भाई खालिद ने NDTV की निधि राजदान से बातचीत में कहा है कि उन्हें भाई के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. वह अपने पिता के फैसले के साथ हैं कि वे उनका शव नहीं लेंगे. खालिद ने कहा कि मैंने फोन पर भाई को सरेंडर करने के लिए बोला, बहुत कोशिश की, प्रार्थन की लेकिन अंदर से कोई रिस्पांस नहीं आया. (सैफुल्ला IS से प्रभावित होकर खुद को उसका हिस्सा मानता था, इंटरनेट से सीखा बम बनाना)

खालिद ने बताया कि मुझे कभी उस पर शक नहीं हुआ. हम लोग नॉर्मल इंटरनेट का इस्तेमाल करते थे. हम अपने पापा के फैसले के साथ हैं. जिस परिस्थिति में सैफुल्ला पाए गए हैं उस हिसाब से हमें लगा कि इनका कुछ न कुछ मैटर होगा. हम खुद सोच में हैं कि दो ढाई महीने में किसने भाई का माइंड वॉश कर दिया.


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