मंदी से बचाने के लिए कारोबारियों को सरकार ने दी बड़ी सौगात, Corporate Tax में भारी छूट का किया ऐलान

GST काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting) से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोवा की राजधानी पणजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मंदी से निपटने के लिए उन्होंने कंपनियों के लिए कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) घटाने का ऐलान किया.

गोवा:

वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने गोवा में GST Council की बैठक से ठीक पहले Corporate Tax में कटौती की घोषणा की. इस घोषणा के तुरंत बाद शेयर बाजार में भारी उछाल देखा गया. GST काउंसिल की बैठक (GST Council Meeting) से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गोवा की राजधानी पणजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस प्रेस कांफ्रेंस में उन्‍होंने मंदी से निपटने के कंपनियों पर लगने वाले कॉरपोरेट टैक्स (Corporate Tax) को घटाने का ऐलान किया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि एक अध्यादेश लाकर घरेलू कंपनियों, नई स्थानीय विनिर्माण कंपनियों के लिये कॉरपोरेट टैक्‍स कम करने का प्रस्ताव दिया है. अब कंपनियों के लिए नया टैक्स 15.17 प्रतिशत होगा. वित्‍त मंत्री की इस घोषणा के तुरंत बाद ही सेंसेक्स में 1800 से ज्‍यादा अंकों का उछाल देखने को मिला. हालांकि वित्त मंत्री के इस राहत की घोषणा के कारण सरकार पर 145000 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त बोझ पड़ेगा. 

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गोवा में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने कहा कि यदि कोई घरेलू कंपनी किसी प्रोत्साहन का लाभ नहीं ले तो उसके पास 22 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान करने का विकल्प है. जो कंपनियां 22 प्रतिशत की दर से टैक्‍स का भुगतान करने का विकल्प चुन रही हैं, उन्हें न्यूनतम वैकल्पिक टैक्‍स का भुगतान करने की जरूरत नहीं होगी. अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 25.17 प्रतिशत होगी.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि एक अक्टूबर के बाद बनी नई घरेलू विनिर्माण कंपनियां बिना किसी प्रोत्साहन के 15 प्रतिशत की दर से आयकर भुगतान कर सकती हैं. नई विनिर्माण कंपनियों के लिये सभी अधिशेषों और उपकर समेत प्रभावी दर 17.01 प्रतिशत होगी. अभी छूट का लाभ उठा रही कंपनियां इनकी अवधि समाप्त होने के बाद कम दर पर टैक्‍स भरने का विकल्प चुन सकती हैं. 

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मंदी से निपटने के लिए सरकार इससे पहले भी कई महत्‍वपूर्ण कदम उठा चुकी है. वित्‍त मंत्री की इस हालिया राहत वाली इस घोषणा के बाद सरकार पर 145000 करोड़ रुपये का अतिरिक्‍त बोझ पड़ने वाला है.

(इनपुट भाषा से भी)