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खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल को कैसे मिला भारत आने का वीजा, जांच में जुटा विदेश मंत्रालय

सरकार इन तथ्यों का पता लगा रही है कि खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल को भारत आने का वीजा कैसे मिला.

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खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल को कैसे मिला भारत आने का वीजा, जांच में जुटा विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार.

खास बातें

  1. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने की प्रेस कांफ्रेंस
  2. कहा-जसपाल अटवाल को वीजा देने की हो रही जांच
  3. जस्टिन ट्रूडो की डिनर पार्टी में दिखा था जसपाल अटवाल
नई दिल्ली: कनाडा के पीएम ट्रूडो की डिनर पार्टी में खालिस्तानी आतंकी जसपाल अटवाल की मौजूदगी पर हंगामा मच गया है. इन सबके बीच सरकार इन तथ्यों का पता लगा रही है कि दोषी करार दिए गए खालिस्तानी आतंकवादी जसपाल अटवाल को भारत आने का वीजा कैसे मिला. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

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यह विवाद तब शुरू हुआ जब कनाडाई उच्चायुक्त नादिर पटेल ने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के लिए अटवाल को आमंत्रित किया. उच्चायोग ने बाद में कहा कि अटवाल का आमंत्रण रद्द कर दिया गया था.

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, 'इसके दो पहलु हैं. एक उसका कार्यक्रम में उपस्थिति को लेकर है, जिस पर कनाडाई पक्ष को गौर करना है. उन्होंने कहा है कि यह चूक थी और इस वजह से आज के रात्रिभोज के लिए आमंत्रण वापस ले लिया गया है.' उन्होंने कहा, 'वीजा के बारे में मैं तत्काल नहीं कह सकता कि यह कैसे हुआ. लोगों के भारत में आने के कई तरीके हैं, आप भारतीय नागरिक हैं या ओसीआई कार्डधारक. हम अपने मिशन से ब्यौरे का पता कर रहे हैं. हमें देखना होगा कि यह कैसे हुआ.' अटवाल को 1986 में पंजाब के तत्कालीन मंत्री मलकीत सिंह सिधु की वैंकुवर में हत्या का प्रयास करने का दोषी ठहराया गया है. 

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VIDEO :  जसपाल अटवाल को वीजा मिलने की जांच कर रहा विदेश मंत्रालय


इससे पहले मामला बढ़ने पर कनाडाई पीएमओ ने भी सफाई दी थी. पीएमओ ने कहा था कि अटवाल ऑफिशियल डेलिगेशन का हिस्सा नहीं था और न ही उसे पीएम ऑफिस की तरफ से बुलाया गया था. कनाडाई पीएमओ की तरफ से कहा गया, 'हमने अटवाल को कार्यक्रम का निमंत्रण नहीं दिया था. हम इसकी जांच कर रहे हैं कि यह कैसे हुआ."


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