कैसी होगी नरेंद्र मोदी की नई सरकार : इस बार पुराने मंत्रियों के ही ज्यादा दिखने के आसार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी मंत्रियों से पहले 100 दिनों के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करने का कहने से आशय साफ

खास बातें

  • गृह, रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय में बदलाव होने की संभावना
  • अरुण जेटली और सुषमा स्वराज को मंत्रालय नहीं दिए जाने की संभावना
  • बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह फिलहाल दूर रह सकते हैं मंत्री पद से
नई दिल्ली:

भले ही प्रधानमंत्री (PM Narendra Modi) ने कहा हो कि सरकार में मंत्री कौन-कौन बनेगा, इस पर अटकलें न लगाई जाएं.. मगर जाहिर राजनीति को नजदीक से देखने वाले इससे बाज नहीं आएंगे, चाहे वे नेता हों या पत्रकार...बीजेपी (BJP) सूत्रों के हवाले से जो खबरें आ रही हैं उसके मुताबिक आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट में कई पुराने चेहरे देखने को मिलेंगे. प्रधानमंत्री ने अपनी पिछली कैबिनेट मीटिंग, जो कि बीजेपी दफ्तर में हुई थी, में सभी मंत्रियों को पहले 100 दिनों के लिए ब्लू प्रिंट तैयार करने को कहा है. यही नहीं चार बड़े मंत्रालय जो कि साउथ और नार्थ ब्लाक में हैं, जैसे..गृह, रक्षा, वित्त और विदेश मंत्रालय में बदलाव आपको देखने को मिल सकता है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली (Arun Jaitley) की सेहत ठीक नहीं चल रही है, इसलिए इस मंत्रालय में बदलाव होगा. यदि आपको याद हो तो पिछला बजट पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने पेश किया था, इस बार भी उनके ही वित्त मंत्री बनने की संभावना है. सुषमा स्वराज (Sushma Swaraj) के भी मंत्री बनने पर असमंजस है. कारण यह दिया जा रहा है कि स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था. अब देखते हैं अगला विदेश मंत्री कौन होगा?

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सबसे बड़ा सवाल है कि क्या बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) सरकार में शामिल होंगे? सूत्र यह भी मानते हैं कि अमित शाह के मंत्रिमंडल में शामिल होने की संभावना कम दिख रही है क्योंकि आने वाले दिनों में हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, दिल्ली और बाद में बंगाल में चुनाव होने वाले हैं. विधानसभाओं के यह चुनाव (Assembly Elections) काफी अहम है क्योंकि बीजेपी को राज्यसभा में अभी भी बहुमत नहीं है. यदि 2020 तक बीजेपी को राज्यसभा में बहुमत चाहिए तो इन राज्यों को उसे जीतना ही होगा. यही वजह है कि अमित शाह के बीजेपी अध्यक्ष बने रहने की बात कही जा रही है.

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सरकार ने अगले 100 दिनों के लिए अपनी जो प्राथमिकताएं तय की हैं उसके अनुसार बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 100 लाख करोड़ रूपये चाहिए. कृषि और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 25 लाख करोड़. इसके साथ लक्ष्य है कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करनी है और भारत को ग्लोबल स्टार्ट अप का हब बनाने का लक्ष्य है. सूत्रों की मानें तो मंत्रालयों में अफसरों ने इस पर काम करना शुरू कर दिया है. संकल्प पत्र के आधार पर कामों की प्राथमिकता तय होगी.

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