भारत-चीन के बीच जारी बातचीत का नया दौर, भारतीय सेना ने बढ़ाई विंटर किट समेत जरूरी सामानों की सप्लाई

चीन के साथ LAC पर जारी गतिरोध (India China Stand off) को कम करने की दिशा में आज (रविवार) सैन्य स्तर की बातचीत हो रही है.

भारत-चीन के बीच जारी बातचीत का नया दौर, भारतीय सेना ने बढ़ाई विंटर किट समेत जरूरी सामानों की सप्लाई

भारत-चीन के बीच LAC पर तनाव बरकरार है. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • भारत-चीन के बीच LAC पर तनाव
  • दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर जारी
  • भारतीय सेना ने बढ़ाई जरूरी सामान की सप्लाई
नई दिल्ली:

चीन के साथ LAC पर जारी गतिरोध (India China Stand off) को कम करने की दिशा में आज (रविवार) सैन्य स्तर की बातचीत हो रही है. भारत (India) और चीन (China) के लेफ्टिनेंट जनरल स्तर के अधिकारियों के बीच यह बैठक चीन की तरफ चुशुल स्थित मोल्डो में सुबह 11 बजे शुरू हो गई है. मिली जानकारी के अनुसार, बैठक में भारत ने चीन से कहा है कि अप्रैल 2020 की यथास्थिति से कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं है. दूसरी ओर भारतीय सेना ने LAC पर राशन, विंटर किट व अन्य जरूरी सामानों को स्टॉक करना शुरू कर दिया है.

29 जून को पैंगोंग झील क्षेत्र की सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि चीनी सेना के फिंगर 4 से फिंगर 5 शिफ्ट होने के बाद कोई मूवमेंट नहीं हुआ है. चीनी सैनिकों ने फिंगर 5 के साथ ढलानों पर और फिंगर 8 की ओर फैली ढलानों पर कब्जा जारी रखा है. भारत का मानना ​​है कि वास्तविक नियंत्रण रेखा फिंगर 8, फोर्ट खुरनाक के पास स्थित है, जो क्षेत्र का एक ऐतिहासिक स्थल है. चीन का मानना ​​है कि LAC फिंगर 4 पर स्थित है. अप्रैल के बाद से, चीन ने भारतीय सैनिकों को फिंगर 4 से पार गश्त करने से रोक दिया है. यहां हिंसक झड़पों में दर्जनों भारतीय सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

चीन से लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की बातचीत आज, अप्रैल 2020 की यथास्थिति से कुछ भी मंजूर नहीं

नई सैटेलाइट तस्वीरें पैंगोंग झील पर बड़ी संख्या में चीनी फास्ट इंटरसेप्टर नौकाओं की मौजूदगी को दर्शाती हैं, जो सिरिजाप पोस्ट से बहुत दूर नहीं है. यहीं पर 1962 के युद्ध के दौरान भारतीय और चीनी सैनिक आपस में भिड़ गए थे. सूत्रों के हवाले से मिल रही जानकारी के अनुसार, आज हो रही 5वीं कोर कमांडर स्तर का मुख्य फोकस दोनों सेनाओं के ठिकानों से सेना और हथियारों को समय पर वापस लेने के अलावा मुख्य बिंदुओं से सैनिकों की कुल विघटन के लिए एक रूपरेखा को अंतिम रूप देना है.

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भारत ने गुरुवार को एक बयान में कहा था कि पूर्वी लद्दाख में सैनिकों के विस्थापन की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, हालांकि कुछ प्रगति हुई है. यह चीन के दावे का एक काउंटर था कि दोनों देशों के सीमावर्ती बलों ने अपनी सीमा के अधिकांश स्थानों पर इस अभ्यास को पूरा कर लिया है. पिछले हफ्ते सरकारी सूत्रों ने NDTV को बताया था कि लद्दाख में LAC के सभी इलाकों से चीनी सेना पीछे नहीं हटी है. चीनी सेना अभी भी डेपसांग इलाके में मौजूद है.

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सीमा पर मतभेद के चलते भारतीय सेना, जो लद्दाख क्षेत्र में आगे-तैनात होने के लिए पूरी तरह से तैयार है, सैनिकों के लिए आवश्यक आपूर्ति और उपकरणों का स्टॉक कर रही है. हर एक सैनिक को एक उच्च ऊंचाई पर ठंड सहन करने वाली विंटर किट अधिकृत की जाती है. वरिष्ठ सरकारी सूत्रों ने NDTV से कहा, 'हमें अब हर चीज की अधिक जरूरत है. हर सैनिक के लिए कपड़े, जूते और सभी के लिए अतिरिक्त स्टॉक.'

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उन्होंने आगे कहा, 'इसके लिए चार विदेशी विक्रेताओं की पहचान की गई है, जिनका चयन नवंबर तक पूरा होने की उम्मीद है. फिलहाल, सेना अन्य बुनियादी चीजों जैसे- राशन, केरोसिन, तेल आदि स्टॉक कर रही है.' बताया जा रहा है कि लद्दाख में LAC पर भारत भी लगातार सैनिकों की तैनाती कर रहा है. भारत की ओर से इससे पहले इस जगह पर इतनी बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती कभी नहीं की गई है.

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