सीरम इंस्‍टीट्यूट ने कोविड-19 संक्रमितों के इलाज के लिए दो कंपनियों के साथ मिलाया हाथ

मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी ड्रग्‍स नेचुरल इम्‍यून सिस्‍टम को और अधिक सक्षम बनाती है ताकि बीमारी से लड़ा जा सके. मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी ड्रग को एंटीबॉडी के सबस्‍टीट्यूट की तरह दिया जाए ताकि बॉडी के इम्‍यून सिस्‍टन को ठीक और पहले से बेहतर किया जा सके. 

सीरम इंस्‍टीट्यूट ने कोविड-19 संक्रमितों के इलाज के लिए दो कंपनियों के साथ मिलाया हाथ

भारत में कोरोना संक्रमण के 77 लाख से ज्‍यादा मामले सामने आ चुके हैं (प्रतीकात्‍मक फोटो)

खास बातें

  • जर्मनी कंपनी मर्क और अमेरिका की IAVI के साथ किया करार
  • मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी ड्रग्‍स करती है इम्‍यून सिस्‍टम को बेहतर
  • तीनों कंपनियों की विशेषज्ञता का लाभ उठाने की है तैयारी
नई दिल्‍ली:

सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) ने गुरुवार को कहा है कि उसने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज के लिए जर्मनी की दिग्‍गज फार्मास्‍युटिकल कंपनी मर्क (Merck)और न्‍यूयॉर्क स्थित गैरलाभकारी स्‍वास्‍थ्‍य अनुसंधान संगठन (non-profit health research organisation) IAVI के साथ करार किया है. तीनों साझेदारों की ओर से कहा गया है कि तीनों साझेदारों की ओर से कहा गया है कि वे SARS-CoV-2 को विकसित करने की तैयारी कर रहे हैं जो निष्क्रिय की जाने वाली मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी  (mAbs) हैं ताकि कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों को स्‍वस्‍थ रखा जा सके.

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गौरतलब है कि मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी ड्रग्‍स नेचुरल इम्‍यून सिस्‍टम को और अधिक सक्षम बनाती है ताकि बीमारी से लड़ा जा सके. मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी ड्रग को एंटीबॉडी के सबस्‍टीट्यूट की तरह दिया जाए ताकि बॉडी के इम्‍यून सिस्‍टन को ठीक और पहले से बेहतर किया जा सके. तीन साझेदारों (consortium) ने कहा कि वे हर एक साझेदारी की विशेषज्ञता, अधोसंरचना की मदद लेकर इस इलाज को विकसित करना चाहते हैं और इसे पूरी दुनिया तक पहुंचाना चाहते हैं विशेषकर निम्‍न और मध्‍यम आय वाले उन देशों तक जहां यह इलाज लोगों की पहुंच से बाहर है.

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तीन साझेदारों (consortium) ने कहा कि वे हर एक साझेदारी की विशेषज्ञता, अधोसंरचना की मदद लेकर इस इलाज को विकसित करना चाहते हैं और इसे पूरी दुनिया तक पहुंचाना चाहते हैं विशेषकर निम्‍न और मध्‍यम आय वाले उन देशों तक जहां यह इलाज लोगों की पहुंच से बाहर है. ग्रुप की ओर से कहा गया है, 'यह करार एडवांस एंटीबॉडी की खोज और उसके सही इस्‍तेमाल के लिए हुआ है जिसमें IAVI और स्क्रिप्‍स रिसर्च की विशेषज्ञता है. यह विशेषज्ञा उन्‍हें HIV को निष्क्रिय करने वाली रिसर्च में काफी वर्षों के अनुभव के फलस्‍वरूप हासिल हुई है. मर्क और सीरम इंस्‍टीट्यूट की क्षमता मोनोक्‍लोनल एंटीबॉडी (mAb) ड्रग के बड़े स्‍तर पर और तेजी से उत्‍पादन करने में है.'ग्रुप के अनुसार, 'सस्‍ते दामों पर दवाओं को विकसित करने के मामले में सीरम इंस्‍टीट्यूटट का 50 साल से अधिक का ट्रैक रिकॉर्ड रहा है और यह दुनिया में वैक्‍सीन का सबसे बड़ा उत्‍पादक है.'

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