कोरोना से बचा रहा है टीबी..! ट्यूबरकुलोसिस वार्ड में कोविड के बेहद कम मरीज, डॉक्‍टर हैरान..

बृहनमुंबई म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन (BMC) के टीबी अस्पताल में टीबी+कोविड के मार्च से अब तक सिर्फ़ 135 मामले आए हैं. तो क्या टीबी मरीजों को कोरोना से बचा रहा है? इस बारे में शोध जारी है.

कोरोना से बचा रहा है टीबी..!  ट्यूबरकुलोसिस वार्ड में कोविड के बेहद कम मरीज, डॉक्‍टर हैरान..

प्रतीकात्‍मक फोटो

खास बातें

  • मुंबई में इस मामलों पर शोध जारी
  • टीबी के मरीज़ों में से बहुत कम हैं कोरोना से संक्रमित
  • फोर्टिस के डॉक्‍टर बोले, BCG टीका कोविड पर प्रभावी
मुंंबई:

Covid-19 Pandemic: मुंबई के श्‍वांस चिकित्सा विशेषज्ञ हैरान हैं. यहां ट्यूबरकुलोसिस (TB) के हॉटस्पॉट वार्ड में 8000 टीबी मरीज़ों में सिर्फ़ 8 को कोविड हुआ है. बृहनमुंबई म्‍युनिसिपल कार्पोरेशन (BMC) के टीबी अस्पताल में टीबी+कोविड के मार्च से अब तक सिर्फ़ 135 मामले आए हैं. तो क्या टीबी मरीजों को कोरोना से बचा रहा है? इस बारे में शोध जारी है. मुंबई के सीवरी टीबी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीज़ों के लिए अलग वार्ड में अब तक 135 मामले ही सामने आए हैं, इनमें भी 50 फ़ीसदी संदिग्ध हैं.अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ ललितकुमार आनंदे भी इन आंकड़ों को लेकर हैरान हैं.

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उन्‍होंने कहा, ‘'मैं वाकई चिंतित था क्‍योंकि टीबी मरीज़ों की प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कम होती है, फेफड़े डैमेज होते हैं तो अगर कोविड का घातक निमोनिया इन्हें हुआ तो क्या ये बच पाएंगे? मुझे डर था कि मौतें बहुत ज़्यादा होंगीं. लेकिन जब कोविड ने मुंबई में ज़ोर पकड़ा तो वाकई हैरान रह गया क्‍योंकि बड़े पैमाने पर कोविड ने इन्हें नहीं छुआ, टीबी और कोविड के एक साथ वाले मामले हैं लेकिन बहुत कम.'' मुंबई के शिवाजी नगर, गोवंडी और मानखुर्द जैसे टीबी के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में मरीजों का इलाज करने वाले National Tuberculosis Elimination Program, chest council of India से जुड़े श्‍वांस चिकित्सा विशेषज्ञ डॉक्टर विकास ओसवाल बताते हैं कि उनके टीबी हॉट्स्पाट वार्ड में 8,000 टीबी रोगियों में से केवल 8 को ही COVID हुआ.

डॉ. ओसवाल के अनुसा, ''इस इलाक़े वार्ड M की बात करें तो यहां कोविड के मामले बहुत ज़्यादा हैं लेकिन टीबी और कोविड के एक साथ बहुत कम केसेस देखे हैं. अगर फ़िगर में बताऊँ तो अगर 8,000 केसेस अगर यहाँ हैं तो इनमें मुश्किल से हमने 8 मामले कोविड और टीबी के देखे हैं. यानी सिर्फ़ 8 टीबी पेशेंट में कोविड है बाक़ी 7992 टीबी पेशेंट को कोविड नहीं हुआ है. इसका मतलब ये हुआ की टीबी पेशेंट के अंदर कोई इम्यून सिस्टम डेवलप होता है. जिसको हम 'होस्ट फ़ैक्टर' कहेंगे और ये दवा की वजह से नहीं है बल्कि, बीमारी के कारण शायद इम्यूनिटी डेवलप हो रही है. इस पर हम अभी रिसर्च कर रहे हैं. इधर, फ़ोर्टिस अस्पताल का मानना है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में में टीबी वैक्सीन बीसीजी (BCG) प्रभावी होता नज़र आ रहा है.

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अस्पताल की डॉक्‍टर अनीता मैथ्यू कहती हैं, ‘'टीबी वैक्सीन की काफ़ी ट्रायल चल रही हैं, इसमें पता चल रहा है कि सिवियर फ़ॉर्म ऑफ़ कोविड से शायद बचा सकता है. वैसे केसेस में जहां हमारी ख़राब इम्यूनिटी की वजह से कोविड तकलीफ़ बढ़ाता है उस तकलीफ़ को बीसीजी कम कर सकता है.'' टीबी मरीज़ों में कोविड के कम मामलों पर मुंबई में तो शोध जारी है, वहीं एक सदी पुरानी टीबी की वैक्सीन पर ब्रिटेन में भी एक हजार लोगों पर परीक्षण होगा कि इससे कोविड से सुरक्षा मिलती है या नहीं.

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