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उड़ीसा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब भक्तों को नहीं मिलेगा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश

अदालत ने कहा कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के प्रार्थना सभा हॉल को 16 अप्रैल से भक्तों के लिए खोला जाए.

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उड़ीसा उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब भक्तों को नहीं मिलेगा मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश

जगन्नाथ मंदिर की फाइल फोटो

नई दिल्ली:

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने पुरी मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश को लेकर विशेष आदेश दिया है. अदालत ने जगन्नाथ मंदिर प्रशासन और जिले के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी भक्त को मंदिर के गर्भगृह में नहीं जाने दिया जाए. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वीआईपी सहित भक्तों को मंदिर में भगवान के दर्शन के लिए केवल भितर कथा तक अनुमति होगी. अदालत ने कहा कि पुरी के जगन्नाथ मंदिर के प्रार्थना सभा हॉल को 16 अप्रैल से भक्तों के लिए खोला जाए.

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अदालत के अनुसार परंपराओं के अनुरूप केवल ‘सेवकों’ को ही गर्भगृह तक जाने की अनुमति होनी चाहिए. सेवकों के अलावा किसी और को गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी. अभी तो जो हो रहा था वह गलत था और हम इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से बंद करने का आदेश देते हैं.  (इनपुट भाषा से) 
 


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