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नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अमित शाह पर कपिल सिब्बल ने साधा निशाना, कहा- शुक्र है कि वह जज नहीं हैं...

सिब्बल ने कहा कि अगर अमित शाह कहते हैं कि यह बिल वैध है तो शुक्र है कि वह सुप्रीम कोर्ट में जज नहीं हैं. केवल इसलिए कि वह इस बिल को वैध बता रहे हैं यह बिल वैध साबित नहीं हो जाता है. हमारा मानना है कि यह बिल पूरी तरह से असंवैधानिक है. 

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नागरिकता संशोधन बिल पास होने के बाद अमित शाह पर कपिल सिब्बल ने साधा निशाना, कहा- शुक्र है कि वह जज नहीं हैं...

कपिल सिब्बल ने अमित शाह पर साधा निशाना

खास बातें

  1. सिब्बल ने एनआरसी पर भी उठाए सवाल
  2. अमित शाह पर भी किया हमला
  3. शिवसेना पर भी रखी अपनी बात
नई दिल्ली:

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने NDTV से बात करते हुए नागरिकता संशोधन विधेयक (Citizenship Amendment Bill) को असंवैधानिक बताया. नागरिकता बिल के खिलाफ गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पहली याचिका दाखिल की गई है. याचिका दाखिल होने के कुछ घंटों बाद कपिल सिब्बल ने NDTV से बात करते हुए CAB को असंवैधानिक बताया और कहा कि अदालत इसकी वैधता पर फैसला करेगी. कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) की पैरवी कर रहे हैं.

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कपिल सिब्बल ने इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा. जब उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट लेकर जाएगी तो उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह कहते हैं कि यह बिल वैध है तो अच्छा है कि वह सुप्रीम कोर्ट में जज नहीं हैं. केवल इसलिए कि वह इस बिल को वैध बता रहे हैं यह बिल वैध साबित नहीं हो जाता है. हमारा मानना है कि यह बिल पूरी तरह से असंवैधानिक है और कोर्ट इसपर फैसला करेगी. 


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कपिल सिब्बल ने महाराष्ट्र में कांग्रेस के नए साथी शिवसेना को लेकर भी अपनी बात कही. उन्होंने कहा कि शिवसेना इस तरह के मुद्दों पर अपनी राय रखने के लिए स्वतंत्र है. बता दें कि शिवसेना ने नागरिकता संशोधन बिल पर जहां लोकसभा में बिल के समर्थन में मतदान किया था वहीं उसने राज्यसभा में वोटिंग से वॉकआउट किया था. 

सिब्बल ने कहा कि महाराष्ट्र में हम शिवसेना के साथ एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत साथ काम कर रहे हैं. हमनें अपनी विचारधारा को नहीं छोड़ा है. मुझे लगता है कि शिवसेना भी अपनी विचारधारा के साथ ही है. शिवसेना इस तरह के मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए स्वतंत्र है. शिवसेना ने राज्यसभा में वोटिंग के दौरान मौजूद नहीं थे. और अगर वह मौजूद रहते भी तो भी वह कांग्रेस को इससे कोई असर नहीं पड़ता. 

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सिब्बल ने कहा कि सरकार इस बिल को लेकर नहीं आती अगर एनआरसी में जिन 19 लाख लोगों को बाहर किया गया उनमें बड़ी संख्या हिंदुओं की नहीं होती. बीजेपी को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि जिन 19 लाख लोगों को एनआरसी की वहज से बाहर किया गया है उनमें से एक बड़ा हिस्सा हिंदुओं का है. अगर यह लोग मुसलमान होते तो सरकार यह बिल लेकर नही आती. बिल लाने से पहले सरकार ने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था लेकिन कोर्ट ने मना कर दिया. ऐसे में सरकार के बाद नागरिकता संशोधन बिल लाने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचता था. 



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