मालदीव में भी पाक को 'पटखनी', कश्मीर का मुद्दा उठाया तो भारत की तरफ से मिला यह जवाब, देखें VIDEO

भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच तनाव का असर मालदीव (Maldives) की संसद में भी देखने को मिला.

खास बातें

  • पाक ने की कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश की
  • हरिवंश बोले- कश्मीर हमारा अंदरूनी मसला
  • विरोध के बाद बयानों को रिकॉर्ड से हटाया गया
नई दिल्ली:

भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच तनाव का असर मालदीव (Maldives) की संसद में भी देखने को मिला. पाकिस्तान द्वारा वहां कश्मीर का मुद्दा उठाने पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश (Harivansh) ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई. दरअसल मालदीव में दक्षिण एशिया की संसदों के अध्यक्षों की बैठक (South Asian Speakers Summit) का आयोजन किया गया है, जहां पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर क़ासिम सूरी ने 370 हटाने और कश्मीर से जुड़े मुद्दे उठाने शुरू कर दिए. ऐसे में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कश्मीर पर बोलने वाले पाकिस्तान के प्रतिनिधि को रोका और कहा कि कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है. इस पर किसी और को बोलने का हक नहीं है.

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इस मुद्दे पर भारत को मालदीव का भी साथ मिला. मालदीव संसद के स्पीकर ने भारत को भरोसा दिया कि कश्मीर पर दिए गए सभी बयानों को रिकॉर्ड से हटा दिया जाएगा. इस बीच हरिवंश ने पाकिस्तान को लताड़ लगाते हुए कहा कि अपने नागरिकों पर जुल्म करने वाला देश मानवाधिकार की नसीहत ना दे. हरिवंश ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) को भारत का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के लिए जरूरी है कि वह सीमा पार आतंकवाद को सभी तरह का राजकीय समर्थन देना क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा के हित में बंद करे. उन्होंने कहा, 'आतंकवाद समूची मानवता और दुनिया के लिए आज सबसे बड़ा खतरा है.'

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बता दें कि 'सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति' विषय पर दक्षिण एशियाई देशों की संसदों के अध्यक्षों के चौथे शिखर सम्मेलन का आयोजन मालदीव में हो रहा है. भारत की ओर से राज्यसभा के उपाध्यक्ष हरवंश प्रसाद और लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हिस्सा लिया. 

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गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द किए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है. पाकिस्तान विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को लगातार उठाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत का यह कहना रहा है कि यह एक आंतरिक विषय है.

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(इनपुट: भाषा और ANI से भी)

 
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