महाराष्‍ट्र में गरीबी से परेशान आदिवासी महिला ने तीन साल की बेटी के साथ फांसी लगाई

दिलीप के मुताबिक वह आदिवासी कातकरी समाज से है और झोपड़ी में रहते हैं. उनकी अपनी जमीन नही है और वे दूसरों के खेत में मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं. पत्नी मंगला परिवार की गरीबी की वजह से हमेशा परेशान रहती थी. गरीबी से तंग आकर ही उसने छोटी बेटी रोशनी को फंदे से लटकाकर खुद भी आत्महत्या कर ली.

महाराष्‍ट्र में गरीबी से परेशान आदिवासी महिला ने तीन साल की बेटी के साथ फांसी लगाई

प्रतीकात्‍मक फोटो

मुंंबई:

महाराष्‍ट्र (Maharastra) के पालघर जिले में गरीबी से तंग आकर आदिवासी महिला (Tribal woman) ने अपनी छोटी बेटी के साथ फांसी लगा ली.घटना 22 जून शाम की है.पालघर के जव्हार पुलिस थाने में महिला के 35 साल पति दिलीप जानू वाघ के दर्ज बयान के मुताबिक, उनकी 30 साल की पत्नी मंगला वाघ 22 जून की शाम अचानक 3 साल की छोटी बेटी रोशनी के साथ लापता हो गई थी. दिलीप के अनुसार, मंगला उस समय घर मे मौजूद बड़ी बेटी नंदिनी को भी कुछ बताकर नही गई थी. बहुत तलाशने के बाद भी उन दोनों का पता नहीं चला. एक दिन बाद जब वे तलाश में जुटे थे तभी एक युवक ने उन्हें पेड़ पर फांसी लगाकर मां-बेटी की आत्महत्या का वीडियो दिखाया. वीडियो देखने के बाद उन्‍होंने इन दोनों की पहचान पत्नी और बेटी के रूप में की.

दिलीप के मुताबिक वह आदिवासी कातकरी समाज से है और झोपड़ी में रहते हैं. उनकी अपनी जमीन नही है और वे दूसरों के खेत में मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं. पत्नी मंगला परिवार की गरीबी की वजह से हमेशा परेशान रहती थी. गरीबी से तंग आकर ही उसने छोटी बेटी रोशनी को फंदे से लटकाकर खुद भी आत्महत्या कर ली. दिलीप की एक 7 साल की बेटी भी है. गौरतलब है कि पालघर जिले में जव्हार आदिवासी बहुल क्षेत्र है.यहां आदिवासी बहुत ही गरीबी में जीते हैं. 

पालघर जिले के आदिवासियों के अधिकार और न्याय के लिए लड़ने वाले सामाजिक नेता विवेक पंडित के मुताबिक ये दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. इसकी सच्चाई जानने के लिए मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई है जिसके वो खुद अध्यक्ष हैं.विवेक पंडित का कहना है कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है. उस पर वो ज्यादा कुछ नही बोल सकते लेकिन इतना जरूर कहेंगे कि शव को अस्पताल ले जाने के लिए उस परिवार को 1000 रुपये आस पड़ोस से उधार लेने पड़े इससे बड़ी दुखद स्थिति क्या हो सकती है? 

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

(आत्‍महत्‍या किसी समस्‍या का समाधान नहीं है. अगर आपको सहारे की जरूरत है या आप किसी ऐसे शख्‍स को जानते हैं जिसे मदद की दरकार है तो कृपया अपने नजदीकी मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ के पास जाएं.)

हेल्‍पलाइन नंबर:
AASRA: 91-22-27546669 (24 घंटे उपलब्ध)
स्‍नेहा फाउंडेशन: 91-44-24640050 (24 घंटे उपलब्ध)
वंद्रेवाला फाउंडेशन फॉर मेंटल हेल्‍थ: 1860-2662-345 और 1800-2333-330 (24 घंटे उपलब्ध)
Call: 022-25521111 (सोमवार से शनिवार तक उपलब्‍ध: सुबह 8:00 बजे से रात 10:00 बजे तक)
एनजीओ: 18002094353 दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्‍ध)