NDTV Khabar

मिशन 2019 के लिए नरेंद्र मोदी की यह है अंतिम तैयारी, आने लगीं अड़चनें

पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार जुलाई में यह मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
मिशन 2019 के लिए नरेंद्र मोदी की यह है अंतिम तैयारी, आने लगीं अड़चनें

चुनावों के दौरान एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. मिशन 2019 की तैयारी में जुटी बीजेपी
  2. बीजेपी सहयोगियों को साधने की कोशिश में
  3. नाराज़ सहयोगियों में मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह
नई दिल्ली: 2019 में आम चुनाव होने हैं. नरेंद्र मोदी सरकार अभी से इस चुनाव की तैयारी में जुट गई है. पार्टी और सरकार के स्तर से जहां एक तरफ सरकार के कामकाज और आए परिणामों को जनता तक पहुंचाने के लिए तमाम मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर प्रचार किया जा रहा है, वहीं संगठन स्तर पर बदलाव की तैयारी हो चल रही है. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस बार जुलाई में यह मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है. इस मंत्रिमंडल विस्तार या कहें फेरबदल भी कहा जा सकता है. मोदी मंत्रिमंडल में अब तक तीन बार फेरबदल हो चुका है. पहला विस्तार 9 नवंबर 2014 को, दूसरा 5 जुलाई 2016 को और तीसरा विस्तार 3 सितंबर 2017 को हुआ था. मौजूदा समय में मंत्रिमंडल में 76 सदस्य हैं. यह आंकड़ा 82 तक हो सकता है.

पार्टी में वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि कुछ मंत्रियों की कुर्सी जा सकती है. इन लोगों को संगठन में भेजा जा सकता है. इसे उनके कामकाज से नहीं जोड़ा जा रहा है. बल्कि पार्टी में उनके काम की अहमियत के चलते ऐसा किया जाएगा. चुनावी साल है और पार्टी कर्मठ नेताओं को जनता के बीच भेजना चाहती है जो पार्टी और सरकार की छवि जनता के बीच बेहतर कर सके जिसका फायदा 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को मिले.

पढ़ें - महज एक साल में ही योगी डगमगाते नजर आ रहे हैं...

कहा जा रहा है कि जुलाई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जो मंत्रिमंडल का विस्तार है वह इस सरकार चौथा और आखिरी विस्तार हो सकता है. पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर राज्यों के सियासी समीकरण और सहयोगियों को साधने के लिए शीर्ष स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है. पार्टी नेताओं का कहना है कि इस संबंध में सहयोगी दलों से भी बातचीत का सिलसिला शुरू किया जाएगा. 

पढ़ें- ममता बनर्जी का मिशन 2019: तीसरे मोर्चे के लिए विपक्ष को ही नहीं, BJP के बागी नेताओं को साथ लाने में जुटीं

बता दें कि पिछले साल सितंबर में हुए मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया था. साथ ही एक कैबिनेट रैंक पर सहमति न बनने के कारण शिवसेना की हिस्सेदारी भी मंत्रिमंडल में बढ़ नहीं पाई थी. उस दौरान अन्नाद्रमुक को भी मंत्रिमंडल में शामिल करने पर चर्चा हुई थी, लेकिन पार्टी में दो धड़ों के बीच मतभेद के चलते इस पर अंतिम फैसला नहीं हो सका था. कहा जा रहा है कि अब संभावित विस्तार में एनडीए के नए साथियों को प्रतिनिधित्व देने और नाराज साथियों को मनाने की कोशिश की जाएगी.
 
पढ़ें- मोदी कैबिनेट विस्तार: 'मिशन 2019' को ध्‍यान में बना नया मंत्रिमंडल, 4 को प्रमोशन, 9 नए मंत्री बने

वर्तमान में बीजेपी देश के 21 राज्यों में या तो अपने दम पर या फिर अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सरकार चला रही है. ऐसे में केंद्र सरकार जहां अपने कामकाज का बखान करने में लगी है वहीं, पार्टी की राज्य सरकारें भी इस काम में जुट गई हैं. राज्य सरकारों की ओर से भी अपने काम को लोगों तक पहुंचाया जा रहा है.

पढ़ें - लोकसभा के साथ मध्य प्रदेश के लिए बीजेपी ने तैयार किया मिशन ‘अबकी बार 200 के पार’

उधर, विपक्षी एकता एक नई दिशा में चल पड़ी है. कई दल जो कभी साथ दिखाई नहीं दे सकते थे, ऐसे माहौल में साथ-साथ आ गए हैं ताकि एकजुट होकर बीजेपी को हराया जा सके. हाल के उपचुनाव इसका उदाहरण पेश कर रहे हैं. यानी विपक्ष भाजपा के खिलाफ राज्यों में महागठबंधन बनाने में लगा है.

पढ़ें - बीजेपी ने अभी से शुरू की 2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी, अमित शाह ने लॉन्‍च किया मिशन 350+

टिप्पणियां
उधर, बीजेपी को हाल में कुछ बड़े झटके भी लगे हैं. सहयोगी दल टीडीपी ने एनडीए छोड़ दिया है तो शिवसेना आए दिन आंख दिखाता आंख दिखाता चला आ रही है. वहीं, राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास पासवान के बाद नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने रविवार को एक बैठक के बाद कहा कि लोकसभा या विधानसभा का चुनाव बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व और चेहरा पर लड़ा जाना चाहिए. 


बिहार से भी जनता यूनाइटेड के कुछ नेताओं से अभी से 2019 चुनाव के मद्देनजर बयान देना आरंभ कर दिया है. भाजपा नेताओं का मानना है कि जनता दल के नेताओं का वक्तव्य भाजपा से ज़्यादा जनता दल यूनाइटेड के नेता और कार्यकर्ताओं को संदेश भेजने की क़वायद है कि फ़िलहाल वो नरेंद्र मोदी के सामने पूरी तरह नतमस्तक नहीं हुए हैं. लेकिन अब सात जून को एनडीए के नेताओं जिसमें सभी दलों के विधायक सांसद शामिल होंगे उस पर सबकी निगाहें होंगी कि कौन आख़िर क्या बोलता है.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement