#MeToo: पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर कोर्ट में दर्ज कराएंगे अपना बयान, पत्रकार के खिलाफ मानहानि का है मामला

भारत में #MeToo अभियान की जद में आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि मामले में आज यानी बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में अपना बयान दर्ज कराएंगे.

#MeToo: पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर कोर्ट में दर्ज कराएंगे अपना बयान, पत्रकार के खिलाफ मानहानि का है मामला

MJ Akbar defamation case: एमजे अकबर आज बयान दर्ज कराएंगे

नई दिल्ली:

भारत में #MeToo अभियान की जद में आने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ मानहानि मामले में आज यानी बुधवार को दिल्ली की एक अदालत में अपना बयान दर्ज कराएंगे. दरअसल, 18 अक्टूबर को मामले की सुनवाई में एमजे अकबर कोर्ट के समक्ष पेश नहीं हुए थे. अगर अदालत एमजे अकबर के बयान से संतुष्ट हो जाती है तो फिर कोर्ट के सामने पेश होने के लिए पत्रकार प्रिया रमानी को नोटिस भेजा जाएगा. बता दें कि 18 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ एम.जे. अकबर के आपराधिक मानहानि मुकदमे को स्वीकार कर लिया और कहा कि 31 अक्टूबर को भाजपा नेता का बयान दर्ज किया जाएगा. अतिरिक्त मुख्य महानगर दंडाधिकारी समर विशाल ने कहा, "मैं आईपीसी की धारा 500 (मानहानि के लिए सजा) के तहत अपराध का संज्ञान लेता हूं."

पिछली सुनवाई में एमजे अकबर की वकील गीता लूथरा ने मामले में अपना पक्ष रखा. लूथरा ने अदालत से मानहानि मुकदमे को संज्ञान में लेने और महिला पत्रकार के खिलाफ मामला शुरू करने का आग्रह किया. अकबर ने रमानी के विरुद्ध मानहानि के आरोपों को साबित करने के लिए दो महिला पत्रकारों द संडे गार्जियन की संपादक जॉयिता बसु और पत्रकार वीनू संदल और चार अन्य को अपने गवाहों के तौर पर नाम दाखिल किए हैं. 

#MeToo के आरोपों से घिरे एमजे अकबर ने दिया इस्तीफा, मानहानि केस में आज सुनवाई, मामले से जुड़ी 10 बड़ी बातें

बता दें कि अकबर पर यौन उत्पीड़न का आरोप सबसे पहले प्रिया रमानी ने लगाया था. अकबर ने अपने वकील के जरिए अदालत से कहा कि प्रिया रमानी के अपमानजनक बयान से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और लोगों की नजर में उनकी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है. लूथरा ने अदालत से कहा कि रमानी के विवादास्पद ट्वीट और सोशल मीडिया पोस्ट ने गत 40 वर्षो में बनी उनकी छवि को अपूरणीय क्षति पहुंचाई है. 

कांग्रेस ने एमजे अकबर के इस्तीफे को 'सच की जीत' बताया, AAP ने दिया यह बयान, जानिये किसने क्या कहा...

उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मीडिया में छपे लेखों में रमानी के ट्वीट का उल्लेख किया गया है. ये ट्वीट अकबर की मानहानि साबित करते हैं, जबतक वह उनके विरुद्ध कुछ साबित नहीं कर देती." 'द एशियन एज' अखबार के संपादक रहे अकबर वर्ष 2014 में भाजपा में शामिल हुए थे. कई महिला पत्रकारों ने उनके संपादक रहने के दौरान उन पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं.

अकबर मामले में राज्यसभा के सभापति-उपसभापति को रवीश कुमार का पत्र

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

अकबर ने इन आरोपों को 'फर्जी और आधारहीन' बताया है. इस्तीफा देने की विपक्ष की मांग कई दिनों तक ठुकराने के बाद अकबर ने बुधवार को विदेश राज्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और कहा था कि वह निजी क्षमता से कानूनी लड़ाई लड़ना चाहते हैं.

VIDEO: पुलिस रिमांड पर आशीष पांडे, 31 अक्टूबर को बयान दर्ज कराएंगे अकबर