एनसीपी प्रमुख शरद पवार और अजीत पवार सहित 70 पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज

प्रवर्तन निदेशालय ने महाराष्ट्र कार्पोरेशन बैंक से जुड़े 25 हजार करोड़ के घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया

खास बातें

  • महाराष्ट्र में सन 2007 से 2011 के बीच किया गया घोटाला
  • आरोपियों की मिलीभगत से बैंक को करोड़ों की हानि हुई
  • आरोपियों में 34 जिलों के विभिन्न बैंक अधिकारी भी शामिल
नई दिल्ली:

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महाराष्ट्र कार्पोरेशन बैंक से जुड़े घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है. ईडी ने एफआईआर में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार, उनके भतीजे पूर्व मुख्यमंत्री अजीत पवार और महाराष्ट्र स्टेट कार्पोरेशन बैंक से जुड़े 70 लोगों को आरोपी बनाया है. यह 25 हजार करोड़ रुपये का घोटाला है. शुरुआत में मुंबई पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की थी.

इस घोटाले में 2007 से 2011 के बीच आरोपियों की मिलीभगत से बैंक को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का आरोप है. आरोपियों में 34 जिलों के विभिन्न बैंक अधिकारी शामिल हैं. यह नुकसान चीनी मिलों तथा कताई मिलों को ऋण देने और उनकी वसूली में अनियमितता के कारण हुआ.

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक मुंबई हाईकोर्ट ने इस मामले में पहले एफआईआर दर्ज करने का आदेश जारी किया था. इसके बाद पहले मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज किया था. इसके बाद ईडी ने यह केस दर्ज किया है. ईडी के मुताबिक इस स्कैम में कार्पोरेटिव बैंकों के कई मैनेजर भी शामिल थे.

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