देश के लिए अच्‍छी खबर, इस साल सामान्‍य रहेगा मानसून...

कृषि आधारित अर्थव्‍यवस्‍था वाले भारत में दक्षिण पश्चिमी मानसून जून माह के पहले सप्‍ताह में पहुंचने की उम्‍मीद है. सितंबर से राजस्‍थान से इसकी वापसी होगी. देश में चार माह के मानसून सीजन के में औसतन 89 सेंटीमीटर बारिश होती है, इसकी 96 फीसदी से 104 फीसदी को सामान्‍य मानसून की श्रेणी में रखा जाता है.

देश के लिए अच्‍छी खबर, इस साल सामान्‍य रहेगा मानसून...

इस साल देश में सामान्य मानसून रहेगा

नई दिल्ली:

कोरोना वायरस की महामारी के बीच एक अच्‍छी खबर है. देश में इस साल मानसून सामान्‍य (Normal Monsoon)रहने की उम्‍मीद है. सरकार की ओर से बुधवार को जारी पूर्वानुमान में यह बात कही गई है. अनुमान के मुताबिक, कृषि आधारित अर्थव्‍यवस्‍था वाले भारत में दक्षिण पश्चिमी मानसून जून माह के पहले सप्‍ताह में पहुंचने की उम्‍मीद है. सितंबर से राजस्‍थान से इसकी वापसी होगी. देश में चार माह के मानसून सीजन के में औसतन 89 सेंटीमीटर बारिश होती है, इसकी 96 फीसदी से 104 फीसदी को सामान्‍य मानसून की श्रेणी में रखा जाता है.

मिनिस्‍ट्री ऑफ अर्थ साइंसेज में सचिव माधवन राजीवन ने बताया कि इस साल देश में सामान्य मानसून रहेगा. इस साल औसत की 100 फीसदी बारिश हो सकती है. हालांकि, इसमें +5 या -5% की गुंजाइश है. गौरतलब है कि देश में कोरोना के मामलों और लॉकडाउन के बीच मौसम के इस पूर्वानुमान का अच्‍छी खबर माना जा रहा है. देश में कृषि का एक बड़ा हिस्‍सा सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर रहता है. किसान तो हर साल अच्छे मानसून के इंतजार में रहते ही हैं. दक्षिण-पश्चिम मानसून खरीफ की फसल जैसे मोटे अनाज, धान, दहलन और तिलहन के लिए बेहद जरूरी होता है.

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