राजद्रोह मामले में दोषमुक्त करार देने की हार्दिक की याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस

पाटीदार समुदाय के लिए ओबीसी कोटा की मांग करते हुए उस साल अगस्त में एक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी.

राजद्रोह मामले में दोषमुक्त करार देने की हार्दिक की याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस

हार्दिक पटेल (फाइल फोटो)

अहमदाबाद:

पाटीदार कोटा आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हार्दिक पटेल ने राजद्रोह के एक मामले में दोषमुक्त किए जाने की अपनी अर्जी एक निचली अदालत में खारिज होने के बाद शुक्रवार को गुजरात उच्च न्यायालय का रूख किया. इस पर, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को एक नोटिस जारी किया है. न्यायमूर्ति जेड के. सैयद ने पटेल की अर्जी स्वीकार करने के बाद गुजरात सरकार को एक नोटिस जारी किया और इस विषय को आठ मई को सुनवाई के लिए रख लिया. गौरतलब है कि अहमदाबाद पुलिस ने अगस्त 2015 में हार्दिक के खिलाफ राजद्रोह का एक मामला दर्ज किया था. पाटीदार समुदाय के लिए ओबीसी कोटा की मांग करते हुए उस साल अगस्त में एक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी.

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पाटीदार समुदाय के लिए ओबीसी कोटा की मांग करते हुए उस साल अगस्त में एक आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई थी. उन पर सरकार को अपदस्थ करने के इरादे से भीड़ को हिंसा के लिए उकसाने का आरोप है. हिंसा में कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई थी. इस साल फरवरी में शहर की सत्र अदालत के जज दिलीप महीदा नेउनकी दोषमुक्त करने की अर्जी खारिज करते हुए उनके खिलाफ राजद्रोह के मामले में आरोप तय किए जाने की इजाजत दी थी. पाटीदार अनामत आंदोलन समिति नेता इस मामले में जमानत पर फिलहाल रिहा हैं.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

 
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