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पी चिदंबरम 13 नवंबर तक तिहाड़ जेल में ही रहेंगे, ED को हिरासत देने से कोर्ट का इनकार, मिली ये सुविधाएं

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) 13 नवंबर तक तिहाड़ जेल में ही रहेंगे. दिल्ली की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को चिदंबरम की हिरासत देने से इनकार कर दिया. 

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पी चिदंबरम 13 नवंबर तक तिहाड़ जेल में ही रहेंगे, ED को हिरासत देने से कोर्ट का इनकार, मिली ये सुविधाएं

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) 13 नवंबर तक तिहाड़ जेल में रहेंगे.

खास बातें

  1. ईडी को हिरासत देने से कोर्ट का इनकार
  2. अलग सेल में रखे जाने की सुविधा दी गई
  3. चिदंबरम को मिलेगा घर का खाना भी
नई दिल्ली:

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम (P Chidambaram) 13 नवंबर तक तिहाड़ जेल में ही रहेंगे. दिल्ली की अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को चिदंबरम की हिरासत देने से इनकार कर दिया. कोर्ट ने चिदंबरम को अलग सेल में रखे जाने की सुविधा भी दी है. साथ ही पूर्व वित्त मंत्री को घर का पका खाना, पश्चिमी शौचालय और दवाएं भी मुहैया कराई जाएंगी. चिदंबरम की प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत आज समाप्त हो गई. उनकी जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई होगी. बता दें कि 74 वर्षीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने स्वास्थ्य आधार पर जमानत मांगी है. बता दें कि चिदंबरम को 21 अगस्त को सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया गया था. 


इससे पहले पी चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में खराब स्वास्थ्य के आधार पर अंतरिम जमानत मांगते हुए बुधवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष याचिका पेश कर इस पर तत्काल सुनवाई की मांग की. पीठ ने गुरुवार को इसे सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया. चिदंबरम ने एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी (एआईजी), हैदराबाद में अपने डॉक्टर से परामर्श लेने तथा जांच कराने के लिए छह दिन के वास्ते अंतरिम राहत मांगी है.  उन्होंने दावा किया कि उन्हें क्रोहन रोग के कारण पांच अक्टूबर से लगातार तेज पेट दर्द हो रहा है जिसके लिए उन्हें 'फौरन इलाज' की जरूरत है. उन्हें 2017 में क्रोहन रोग होने का पता चला था जिसमें आंतों में सूजन आ जाती है जिससे पेट में दर्द, दस्त और वजन कम हो जाता है.

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उनकी जमानत याचिका के अनुसार, 7 अक्टूबर को उनकी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में जांच की गई और उन्हें एंटीबायोटिक और दर्द खत्म करने की दवाएं दी गई जिसके बाद उनका पेट दर्द कम है. याचिका में कहा गया है कि इसके बाद 22 अक्टूबर को उन्हें फिर से दर्द हुआ और 23 अक्टूबर को एम्स में इलाज किया गया तथा उन्हें नयी दवाएं दी गई. लेकिन उन्हें दर्द से कोई राहत नहीं मिली. फिर 24 और 26 अक्टूबर को दोबारा उनकी जांच की गई और 28 अक्टूबर को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में टेस्ट किए गए.

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याचिका में कहा गया है कि मेडिकल टेस्ट के बाद चिदंबरम को अगले 16 हफ्तों के लिए स्टेरॉयड इलाज के लिए कहा गया और चूंकि एम्स के इलाज से उनकी सेहत में कोई सुधार नहीं आ रहा था तो उन्हें एआईजी में अपने नियमित डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति दी जाए. इसमें कहा गया है कि उनकी मेडिकल रिपोर्ट को ई-मेल के जरिए उनके डॉक्टर के पास भेजा गया और डॉक्टर ने बताया कि सूजन बढ़ गई है तथा चिदंबरम को जीवाणु रहित माहौल में इलाज की फौरन जरूरत है. अर्जी में कहा गया है कि इस बीमारी के चलते उनका वजन 73.5 किलोग्राम से घटकर 66 किग्रा हो गया है. चिदंबरम ने आईएनएक्स मीडिया धन शोधन मामले में अपनी मुख्य जमानत याचिका के जरिए ही अंतरिम राहत की याचिका दायर की. इस मामले में वह अभी प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में हैं. नियमित जमानत की उनकी अर्जी पर चार नवंबर को सुनवाई होनी है. 74 वर्षीय चिदंबरम को मामले में उनकी प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत अवधि खत्म होने पर बुधवार को निचली अदालत के समक्ष पेश किया गया.  


(इनपुट: ANI और भाषा से भी)



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