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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद पर देश को बधाई दी, कहा, विविधता ही भारत की ताकत

मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा, 'रमजान माह को बेहद भक्ति भाव से मनाया गया. अब यह ईद का समय है. ईद-उल-फितर के मौके पर सभी को मेरी शुभकामनाएं.'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईद पर देश को बधाई दी, कहा, विविधता ही भारत की ताकत

मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सभी को ईद उल फितर की बधाई दी और कहा कि ऐसे पवित्र पर्व से खुशियां फैलाने और राष्ट्र को आगे ले जाने की प्रेरणा लेनी चाहिये. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की विविधता ही उसकी विशेषता और ताकत है. मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में कहा, 'रमजान माह को बेहद भक्ति भाव से मनाया गया. अब यह ईद का समय है. ईद-उल-फितर के मौके पर सभी को मेरी शुभकामनाएं.' रमजान माह के रोजे खत्म होने पर ईद-उल-फितर सोमवार को मनाई जायेगी. उन्होंने कहा, 'रमजान पवित्र दान का महीना है, खुशियां फैलाने का मौका है..आइये, हम सभी साथ मिलकर इस पवित्र त्योहार से खुशियों का खजाना फैलाने और राष्ट्र को आगे ले जाने की प्रेरणा लें.' विविधता के बारे में बात करते हुये प्रधानमंत्री ने भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का भी जिक्र किया जो देश के साथ ही दुनिया के कई हिस्सों में पूरे भक्तिभाव और धार्मिक उत्साह के साथ निकाली जा रही है.

अपने 30 मिनट के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, 'मैं देशवासियों को जगन्नाथ यात्रा के मौके पर बधाई देता हूं.'  मोदी ने कहा, 'देश के गरीब लोग भगवान जगन्नाथ से जुड़े हैं. जिन लोगों ने बाबा साहेब आंबेडकर को पढ़ा है उन्होंने देखा होगा कि वह भगवान जगन्नाथ मंदिर और उसकी परंपराओं की प्रशंसा करते थे क्योंकि क्योंकि इसमें सामाजिक न्याय और सामाजिक सौहार्द्र जुड़ा था.' इस संदर्भ में उन्होंने शब्द 'जगरनॉट' का जिक्र करते हुये कहा कि इसका मतलब 'ऐसा रथ है जिसे किसी के द्वारा रोका नहीं जा सके.'

रमजान का जिक्र करते हुये प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मुस्लिम बहुल मुबारकपुर गांव के लोगों के 'प्रेरणाप्रद' रवैये का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि रमजान के दौरान करीब 3500 परिवारों की आबादी वाले इस गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से शौचालय के निर्माण का फैसला किया. मोदी ने कहा कि इस प्रयास में मदद के लिये सरकार ने 17 लाख रुपये दिये. प्रधानमंत्री ने कहा, 'लेकिन आप यह जानकर खुश होंगे कि रमजान के मौके पर सभी मुस्लिम भाइयों और बहनों ने 17 लाख रुपये की यह रकम सरकार को लौटाते हुये कहा कि वह अपने शौचालयों का निर्माण अपने रुपयों और श्रम से करेंगे.'

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने सरकार को बताया कि वह इस रकम का इस्तेमाल गांव में दूसरी सुविधायें मुहैया कराने के लिये करे. मुबारकपुर के ग्रामीणों को इसके लिये बधाई देते हुये मोदी ने कहा कि उनका रुख जहां प्रेरणादायी था वहीं बड़ा तत्व यह कि गांव को 'खुले में शौच' से मुक्त बनाया गया. उन्होंने कहा कि तीन राज्य सिक्किम, हिमाचल प्रदेश और केरल पहले ही खुले में शौच से मुक्त हो चुके थे और हाल ही में उत्तराखंड और हरियाणा भी इस सूचि में शामिल हो गये हैं. प्रधानमंत्री ने कहा, 'मैं इन पांच राज्यों की सरकारों और जनता को यह उपलब्धि हासिल करने के लिये बधाई देता हूं.'

'स्वच्छ भारत' अभियान को बढ़ावा देने में जुटे प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को पूरा करने के लिये सतत और दीर्घकालिक प्रयासों की जरूरत है. उन्होंने कहा, 'ऐसी बुरी आदतें (खुले में शौच की) हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गयी हैं. इनसे छुटकारा पाने के लिये हमें दृढ़ रहना होगा. हमें हर किसी का ध्यान खींचना होगा. सकारात्मक और प्रेरक कहानियों को बार-बार बताना होगा.' इसके साथ ही उन्होंने इस बात पर भी खुशी जाहिर की कि स्वच्छता अब सिर्फ सरकार का कार्यक्रम नहीं है बल्कि जन आंदोलन बन चुका है.

उन्होंने कहा कि इसने सरकार के संकल्प को मजबूत किया है. इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के हाल के एक मामले का उल्लेख किया जहां लोगों और प्रशासन ने लगातार 100 घंटों तक बिना रुके काम कर 71 गांवों के 10,000 घरों में घरेलू शौचालय बनाया. उन्होंने कहा कि तय समय में यह काम पूरा किया गया और 71 गांवों को खुले में शौच से मुक्त कर दिया. यह अभियान मार्च 10 को सुबह 6 बजे शुरू किया गया था. उन्होंने इस कदम की सराहना करते हुये इसे बेहद प्रेरक बताया. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु के मदुरै जिले की एक महिला के लिखे पत्र का भी उल्लेख किया. खत में महिला ने लिखा कि वह ऑनलाइन पोर्टल 'गर्वनमेंट ई-मार्केटप्लेस' के जरिये चीजें बेच रही है और यहां तक कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इसके जरिये उससे दो चीजें खरीदीं. प्रधानमंत्री ने कहा, 'यह सशक्तिकरण है.'

उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों से यह दिखाया जा सकता है कि कैसे लोगों के उद्यमिता कौशल को पारदर्शी तरीके से देश में किसी के द्वारा भी बढ़ाया जा सकता है. मोदी ने देश भर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के आयोजन की भी सराहना की. प्रधानमंत्री ने इसरो के सफल उपग्रह प्रक्षेपण की भी सराहना की.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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