NDTV Khabar

गुजरात के वलसाड में PM नरेंद्र मोदी बोले- रक्षाबंधन पर बहनों को घर का तोहफा मिले, इससे अच्‍छा कुछ नहीं

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा बंधन का पर्व सामने हो और गुजरात में एक लाख से भी अधिक परिवारों और बहनों को उनके नाम से अपना घर मिले मैं समझता हूं रक्षा बंधन का इसे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
गुजरात के वलसाड में PM नरेंद्र मोदी बोले- रक्षाबंधन पर बहनों को घर का तोहफा मिले, इससे अच्‍छा कुछ नहीं

गुजरात के वलसाड में पीएम नरेंद्र मोदी एक महिला को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर की चाबी देते हुए

खास बातें

  1. रक्षा बंधन का इसे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता.
  2. पीएम आवास योजना के तहत अच्‍छे घर मिले
  3. ये मेरा सपना है कि 2022 तक हर भारतीय के पास अपना घर हो
नई दिल्ली: गुजरात के वलसाड में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि रक्षा बंधन का पर्व सामने हो और गुजरात में एक लाख से भी अधिक परिवारों और बहनों को उनके नाम से अपना घर मिले मैं समझता हूं रक्षा बंधन का इसे बड़ा कोई उपहार नहीं हो सकता. उन्‍होंने कहा कि आज मुझे कई महिलाओं से बात करने का मौका मिला जिन्‍होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर पाया.

मोदी को गले लगाना मेरी ही पार्टी के कुछ लोगों को नहीं भाया : राहुल गांधी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार कहा कि उनका सपना है कि 2022 में जब भारत अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा हो तब देश के प्रत्येक परिवार के पास अपना मकान हो. साथ ही उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि किसी को भी केन्द्र की इस योजना का लाभ लेने के लिए एक रुपया रिश्वत नहीं देनी पड़ी है. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार में ‘कमीशन’ (दलाली) के लिए कोई जगह नहीं है. पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर अप्रत्यक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सरकार में अगर दिल्ली से एक रुपया चलता है तो प्रत्येक गरीब के घर में 100 पैसे ही पहुंचते हैं. गौरतलब है कि एकबार राजीव गांधी ने कहा था कि अगर दिल्ली से एक रुपया चलता है तो गरीब के पास सिर्फ 15 पैसे पहुंचते हैं.

PM Narendra Modi कार में बैठते ही करते हैं ये काम, देखकर आप भी करेंगे उन्हें Follow

वलसाड के जुजवा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों से बातचीत करने और उनके ई-गृहप्रवेश में हिस्सा लेने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि योजना के तहत बनने वाले मकानों की गुणवत्ता बहुत अच्छी है और किसी को एक रुपया रिश्वत देने की जरूरत नहीं है. केन्द्र की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत गुजरात में एक लाख से भी ज्यादा मकान बने हैं. मोदी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना की महिला लाभार्थियों से बातचीत के दौरान मैं उनके पीछे बने मकानों को देख रहा था. आपको भी आश्चर्य हो रहा होगा कि क्या योजना के तहत इतनी अच्छी गुणवत्ता के मकान भी बन सकते हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह इसलिए संभव हुआ है क्योंकि मेरी सरकार में कमीशन देने का कोई चलन नहीं है. यदि दिल्ली से एक रुपया चलता है तो गरीब के घर में पूरे 100 पैसे पहुंचते हैं.’’ मोदी ने कहा कि उनकी सरकार में यह ‘हिम्मत’ है कि ऐसे में जब पूरा देश देख रहा है, मीडिया मौजूद है, वह महिला लाभार्थियों से सवाल कर सकते हैं कि क्या उन्होंने मकान पाने के लिए कोई रिश्वत या कमीशन दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘जवाब में माताएं और बहनें पूरे संतोष के साथ कह सकती हैं कि उन्हें मकान नियमानुसार मिले और उन्हें एक रुपया रिश्वत नहीं देनी पड़ी.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य है कि 2022 तक देश के प्रत्येक परिवार के पास अपना मकान हो. उन्होंने कहा, ‘‘गुजरात ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है. इसी ने मुझे तय समय के भीतर सपनों को पूरा करना सिखाया है. मेरा सपना है कि 2022 में जब देश अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा हो, तो एक भी परिवार ऐसा नहीं होना चाहिए जिसके पास अपना मकान नहीं हो.’’

रक्षाबंधन 2018: इस Rakhi बहन को देना चाहते हैं 500 रुपये के अंदर का गिफ्ट तो ये हैं शानदार ऑप्शन

VIDEO: पीएम मोदी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्षों को सौंपा अस्थि कलश


टिप्पणियां
आवास योजना के लाभार्थियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हुए बातचीत का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मां-बहनें पूरे संतोष के साथ कह सकती हैं कि उन्हें नियमानुसार मकान मिले हैं और उन्हें एक रुपया रिश्वत नहीं देनी पड़ी.’’ उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों की गुणवत्ता को देखकर आपने भी सोचा होगा कि क्या सरकारी मकान भी ऐसे हो सकते हैं. सरकार ने धन दिया है, लेकिन उसके साथ यह मकान परिवारों के पसीने से बने हैं.’’ मोदी ने कहा, ‘‘परिवार तय करता है कि मकान कैसा होगा, क्या सामान इस्तेमाल होगा और वह कैसे बनेगा. हमारा यकीन ठेकेदारों में नहीं बल्कि परिवारों में था. परिवार जब अपना मकान बनाता है तो वह सबसे अच्छा बनाता है.’’

(इनपुट भाषा से...)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement